डॉक्यूमेंट्री फिल्म पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस की ऑस्कर विजेता स्नेहा कहती हैं कि सैनेटरी पैड की यूनिट में काम शुरू किया तो बहुत परेशानी झेलनी पड़ी। लोग कहते थे कि लड़की बेशर्म हो गई है। इसको दूसरा काम नहीं मिला। हालांकि जब आस्कर मिला तो ताना मारने वाले लोग स्वागत करने को उमड़ पड़े।
डॉक्यूमेंट्री फिल्म पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस ने शॉर्ट सब्जेक्ट डॉक्यूमेंट्री वर्ग में ऑस्कर अवार्ड जीता है। 25 फरवरी 2019 को अमेरिका के लॉस एंजिल्स में अवार्ड मिला था। यह फिल्म हापुड़ के काठीखेड़ा की बहु सुमन एवं बेटी स्नेहा की जिंदगी पर आधारित है। स्नेहा एवं सुमन अपनी पूरी टीम के साथ बृहस्पतिवार को एएमयू ड्रामा क्लब द्वारा आयोजित चार दिवसीय थियेटर महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होने आई हैं।
स्नेहा ने बताया कि गैर सरकारी संस्था एक्शन इंडिया द्वारा उनके यहां सैनेटरी पैड की यूनिट 2017 में लगाई गई। उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी कि यह काम उन्हें पूरी दुनिया में मशहूर बनाएगा। लोग तरह-तरह की बातें करते थे और कोई दूसरा कार्य करने की सलाह देते थे। एक लड़की होने के बावजूद जब वह सैनेटरी पैड पर सार्वजनिक रूप से बात कर सकती हैं तो दूसरी लड़कियां हिचकिचाती क्यों हैं।
यह महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तीकरण से जुड़ा मसला है। स्नेहा कहती हैं कि मुझे पापा का हमेशा सपोर्ट मिला। वह कहते थे कि लोगों की बातें मत सुनो। जो ठीक लगे, वही करो। जब ऑस्कर जीतकर लौटी तो ताना मारने एवं शिकायत करने वाले तमाम लोग हापुड़ में स्वागत करने आए थे। इस बदलाव को देखकर बहुत खुशी होती है।
जिब्रान को बेस्ट एक्टर, रायजादा को बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड
एएमयू ड्रामा क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जिब्रान को बेस्ट एक्टर एवं मयंका रायजादा को बेस्ट एक्ट्रेस के खिताब से नवाजा गया। वहीं ए मैन इन द मिरर को बेस्ट प्ले का पुरस्कार प्रदान किया गया।
ड्रामा क्लब द्वारा आयोजित चार दिवसीय थियेटर महोत्सव के आखिरी दिन इंडोनेशिया के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग लोक गीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फिल्म डायरेक्टर एवं रंगबाज ग्रुप के संस्थापक इमरान रशीद एवं ऑस्कर विजेता स्नेहा एवं सुमन ने विजेताओं को सम्मानित किया।
इमरान रशीद एएमयू के पूर्व छात्र है और उन्होंने पुराने दिनों को याद कर कहा कि ड्रामा क्लब मेरे समय से बहुत आगे चला गया है। उस समय इतनी सुविधाएं नहीं उपलब्ध थी, जितनी आज है। आज मैं जो कुछ भी हूं, वह ड्रामा क्लब की बदौलत हूं।
स्नेहा एवं सुमन ने अपने जीवन से संबंधित विभिन्न पहलुओं का उल्लेख किया और बताया कि कैसे सैनिटरी पैड बनाने के दौरान उन्हें परेशानियों से गुजरना पड़ा। उन्होंने कहा कि एएमयू में आकर सम्मानित होना बहुत अच्छा लग रहा है। इस अवसर पर सीईसी समन्वयक प्रो. एफए शीरानी, मंजर जमाल, वसीमउल्लाह, डॉ. आमिर अब्बास, रूही, नवेद आलम आदि मौजूद थे।