आदिल निवासी अमीर निशा। सीएमओ कार्यालय पर रेमेडिसिविर के लिये सुबह से बैठे हुए।
- फोटो : CITY OFFICE
शनिवार को भाजपाइयों द्वारा किए गए हंगामे के बाद रविवार को सीएमओ कार्यालय में रेमडेसिविर इंजेक्शन न होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। इसके बावजूद आस लगाए लोगों का दिनभर यहां जमावड़ा रहा। लोगों का कहना था कि फिर कोई हंगामा हो जाए तो शायद इंजेक्शन मिल जाएगा। आरोप था कि यही इंजेक्शन ब्लैक में 40 हजार रुपये में मिल रहा है।
कनवरी गंज के हीरालाल वार्ष्णेय ने बताया कि सरकार की नीतियों का फायदा उठाना अधिकारियों से बेहतर कोई नहीं जानता है। इससे परेशानी आम जनता की हो रही है। कल जब सीएमओ ने मना कर दिया था कि रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं हैं।
फिर रात में भाजपाइयों के हंगामे के बाद इंजेक्शन क्यों बांट दिए गए। इस प्रकरण पर सभी मौन हो गए हैं। इंजेक्शन की छह डोज एक बार में लगती है। भीख की तरह एक-एक बांट रहे हैं। ब्लैक में 40 हजार रुपये का इंजेक्शन मिल रहा है। सीएमओ ने रविवार को इंतजाम करने का भरोसा दिया था। इसीलिए लाइन लगाकर बैठे हैं।
जयगंज के राहुल कुमार शर्मा ने बताया कि एक रेमडेसिविर इंजेक्शन मिला था, दूसरा नहीं मिला। अगर जल्दी इंजेक्शन नहीं लगा तो पहले इंजेक्शन का असर बेकार हो जाएगा। पहुंच रखने वाले व्यक्तियों को छह-छह इंजेक्शन मिल गए हैं। इसकी पड़ताल कौन करेगा।
भाई विशाल कुमार की तबियत खराब है। इंजेक्शन की दरकार है। ब्लैक में खरीदने की हैसियत नहीं है। शनिवार को हंगामे के दौरान आश्वासन दिया गया था कि रविवार को इंजेक्शन उपलब्ध करा देंगे। सुबह से दोपहर हो गई है, अभी तक इंजेक्शन नहीं मिला है।
सीएमओ कार्यालय पर रेमेडिसिविर खत्म होने का लगा पोस्टर।- फोटो : CITY OFFICE