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गहन उदासी छाई है, हे कविवर, सब शोकाकुल हैं, याद तुम्हारी आई है

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पद्मभूषण गोपालदास नीरज एक कार्यक्रम के दौरान। फाइल फोटो - फोटो : CITY OFFICE
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पद्मभूषण डॉ. गोपालदास नीरज की द्वितीय पुण्यतिथि पर वेबिनार का आयोजन नीरज जी के पुत्र व नीरज ट्रस्ट के अध्यक्ष मिलन प्रभात गुंजन की अध्यक्षता में हुआ। इस दौरान कवियों व शायरों ने रचनाएं सुनाकर नीरज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। संचालन ट्रस्ट के सचिव डॉ. राकेश सक्सेना ने किया।
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डीएम चंद्रभूषण की पत्नी व कवयित्री डॉ. अंजना सिंह सेंगर ने कहा कि नीरज जी के व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हूं। उन्होंने कहा कि नीरज जी की स्मृति में अलीगढ़ में जो काम अधूरे हैं, उन्हें पूरा करने का प्रयास करूंगी। डॉ. अंजना ने सुनाया भीगी पलकें यहां सभी की, गहन उदासी छाई है, हे कविवर, सब शोकाकुल हैं, याद तुम्हारी आई है । अनुरागी मन व्यथित बहुत है, कहा नहीं कुछ जाता है, भाव व्यक्त कैसे कर पाऊं, कंठ आज भर आता है । गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना ने सुनाया मेरे नैन सजल हो गए थे, मन हो गया भागीरथ जैसा आंसू गंगाजल हो गए थे। कहानीकार सुरेंद्र सुकुमार ने पढ़ा रोम रोम कर्जे में डूबा भिखमंगे होने वाले हैं, लेकिन अपने आका कहते हम चंगे होने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि नीरज जी जैसा व्यक्तित्व भविष्य में होना संभव नहीं है, उनकी सेवाएं हिंदी साहित्य के लिए हमेशा अमूल्य रहेंगी। मशहूर शायरा रिहाना शाहीन ने सुनाया वफा के फूल थे, जिसमें वो बाग थे नीरज, ये सच है शायरे आला दिमाग थे। नीरज जिन्हें भुला नहीं सकते कभी जहां वाले वह गीतकार वह रोशन चिराग थे नीरज। कवि अशोक अंजुम ने पढ़ा जो सबके दिल में छा रहे नीरज के गीत हैं सुनकर सभी हर्षा रहे नीरज के गीत हैं। शायर जॉनी फॉस्टर ने कहा कि नीरज जी के कलाम में वो सब झलकता है जिस पर उन्होंने अपनी जिंगदी में अमल भी किया। उन्हें एक खुली किताब की तरह अपने उसूलों और अपनी शर्तों पे जीना पसंद था।
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डॉ. दिव्या लहरी ने कहा कि नीरज जी जिन्हें तीन-तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार मिला, गीतों के राजकुमार के रूप में उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा। केपी कॉलेज के प्रबंधक अशोक सक्सेना ने कहा कि नीरज जी ने लाल लाल शास्त्री कन्या महाविद्यालय की स्थापना कराके अलीगढ़ के शिक्षा जगत में एक अमूल्य योगदान किया और हम सबको प्रेरित किया। इनके अलावा पूर्व पार्षद डॉ. मधु आंधीवाल, डॉ. करुणा शर्मा, आशा कुलश्रेष्ठ , गोपाल कृष्ण जौहरी एडवोकेट, रंजना सक्सेना, डॉ. ममता
श्रीवास्तव ने अपने विचार रखे।
उभरते कलाकारों से रहा खास लगाव
शहर की टीवी बाल कलाकार हिमाद्री धीरज ने कहा कि पद्मभूषण गोपालदास नीरज को हमेशा याद किया जाता रहेगा। उन्हें उभरते बाल कलाकारों से खासा लगाव रहा, जो कलाकारों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि उन्हें %दादा% का आशीर्वाद कुछ साल पहले अलीगढ़ कल्चरल क्लब(एसीसी) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मिला था। जहां दादा ने उनकी उपलब्धियों पर धीरज के साथ आगे बढ़ने व अलीगढ़ का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया था। अलीगढ़ कल्चरल क्लब के सचिव पंकज धीरज ने बताया कि नीरज जी क्लब के संरक्षक थे और उन्होंने यहां के कलाकारों के उत्साहवर्धन को बॉलीवुड की तर्ज पर अलीगढ़ को ऑलिवुड बनाने की प्रक्रिया को बेहद आवश्यक बता सराहना की थी।
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