अलीगढ़ के सूत मिल चौराहे तथा शहर के अन्य स्थानों से इगलास के लिए सात ई-बसों का संचालन करीब छह महीने से बंद होने के कारण दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दैनिक यात्रियों ने प्रशासनिक अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों को अवगत कराया है कि ई-बसों के संचालन से इगलास से अलीगढ़ तक और अलीगढ़ से इगलास तक आने-जाने में सुविधा रहती थी।
कई बार मथुरा से अलीगढ़ जा रही बसों को चालक कस्बे में नहीं रोकते। यात्री इंतजार करते रह जाते हैं। ऐसी स्थिति में डग्गामार बसों से यात्रा करने को यात्री मजबूर हैं। इन निजी बसों में सवारियों को ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है और किराया भी अधिक लिया जा रहा है। आवागमन में समय भी ज्यादा लगता है।
ई-बसें न चलने से किराया और समय भी लग रहा ज्यादा
ई-बसों व सामान्य बसों के किराये में भी अंतर है। ई-बसों में किराया 35 रुपये है और कार्डधारकों के लिए 10 प्रतिशत किराया कम लगता है। वहीं, सामान्य बसों में किराया 43 रुपये है।
मसूदाबाद बस स्टैंड से वृंदावन जाने वाली ई-बसों में किराया 66 रुपये है। इसके अलावा गांधीपार्क बस स्टैंड तक 35 से 40 मिनट में और मसूदाबाद तक पहुंचने में करीब एक घंटा ही लगता है। निजी बसों में इससे भी ज्यादा समय लग जाता है।
- कस्बा निवासी लोकेश बालाजी का कहना है कि ई-बसों से आवागमन में प्रदूषण की समस्या नहीं रहती और गर्मी व सर्दी का दुष्प्रभाव भी यात्रियों पर नहीं पड़ता।
-सराय बाजार निवासी नितिन अग्रवाल का कहना है कि उनको विकास भवन तक आने-जाने में ई-बस से बहुत ही कम समय लगता था। अब समय भी ज्यादा लग रहा है और किराया भी ज्यादा देना पड़ रहा है। -विधायक राजकुमार सहयोगी का कहना है कि वे ई-बसों का संचालन कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इन बसों का संचालन बेसवां तक कराया जाएगा।