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कुवैत के झंडे व अरबी भाषा में लिखी पट्टिकाओं को खुद ही तोड़ रहे लोग

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लोगों ने तोड़ा अरवी भाषा व कुवैत के झंडे वाला शिलालेख - फोटो : AKBARABAD
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अकराबाद के गांव खुर्रमपुर में कुवैत के ध्वज वाले शिलालेख लगे हैंडपंप लगवाए जाने के मामले के तूल पकड़ऩे के बाद ग्रामीण अब खुद ही कुवैत के झंडे व अरबी भाषा में लिखी पट्टिकाओं को तोड़ने लगे हैं। हालांकि कुछ ग्रामीण ऐसे भी हैं, जो प्रशासन की कार्रवाई के इंतजार में हैं।
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सोमवार को डीएम ने भी कुवैत का ध्वज और शिलालेखों को हटाने का आदेश दिया था। उन्होंने हैंडपंपों को जनहित में यथावत संचालित रखने के निर्देश दिए थे। उधर, अकराबाद थाने में दर्ज मुकदमे में विवेचना जारी है। विवेचना में हैंडपंपों को लगवाने वाली कुवैत की एनजीओ का नाम? उसे किसी भी प्रकार के अधिकारिक अनुमति पत्र जारी हुए या नहीं? फंड कहां से आया? किस उद्देश्य से हैंडपंप पर कुवैत का ध्वज लगाया गया? इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। पुलिस हैंडपंप लगवाने वाले भोलू उर्फ शमशेर व उसे हैंडपंप उपलब्ध कराने वाले बारिक वली निवासी धौर्रामाफी से पूछताछ में लगी है।
भाजपा के छर्रा विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह ने शुक्रवार को डीएम चंद्रभूषण सिंह से शिकायत की थी। इस पर डीएम ने मामले की जांच को एसडीएम कोल अनीता यादव को जांच के आदेश दिए थे।
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