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वायु प्रदूषण के कारण शहर में सांस लेना हो रहा मुश्किल

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रामघाट रोड पर उड़ती धूल और बिखरी सिल्ट। - फोटो : CITY OFFICE
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वायु प्रदूषण के कारण महानगर में सांस लेना मुश्किल है। इसकी वजह से बच्चे सहित अन्य लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। शहर के भीड़ भाड़ इलाकों एवं सिल्ट व धूल से अटे सड़कों की कौन कहें, आवासीय क्षेत्र में भी वायु प्रदूषण मानक से अधिक है।
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रामघाट रोड पर क्वार्सी से आगे सिल्ट निकालकर नाले के बगल में डाल दिया गया है। रोड से गुजरने वाले लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। बड़े वाहनों के गुजरने पर स्थिति और दयनीय होती है। दोदपुर रोड, मेडिकल रोड, सेंटर प्वाइंट, मैरिस रोड सहित शहर के अन्य कई इलाकों की हवा स्वास्थ्य के लिए महफूज नहीं है। अतिक्रमण अभियान के बाद तोड़े गए भवनों के निर्माण व अन्य निर्माण कार्यों के कारण भी महानगर धूल से अटा पड़ा है। वाहन, जनरेटर, औद्योगिक एवं व्यापारिक इकाईयों द्वारा होने वाला प्रदूषण अलग है।
ज्ञानसरोवर में प्रदूषण कम फिर भी मानक से अधिक
तिथि वायु प्रदूषण की स्थिति
1 जून 2019 224 माइक्रोग्राम पर घन मीटर
10 जून 2019 194 -
19 जून 2019 172 -
26 जून 2019 180 -
7 जुलाई 2019 140 -
स्त्रोत - क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
बरसात के दिनों में प्रदूषण का स्तर सबसे कम होता है। बावजूद इसके वायु प्रदूषण मानक (100 माइक्रोग्राम पर घन मीटर) से बहुत अधिक है। आंकड़ा आवासीय क्षेत्र ज्ञान सरोवर का है। औद्योगिक एवं व्यवसायिक क्षेत्रों के साथ ही भीड़ वाले चौराहे आदि का वायु प्रदूषण स्तर जांचने की सुविधा बोर्ड के पास नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल कहते हैं कि शहर का वायु प्रदूषण जांचने के लिए मशीन मंगाने का प्रयास किया जा रहा है।
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क्या कहते हैं चिकित्सक...
जेएन मेडिकल कॉलेज में दमा एवं श्वास से संबंधित बीमारियों के मरीजों की भरमार है। एएमयू के एके तिब्ब्यिा कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीवान इसरार खान कहते हैं कि वायु प्रदूषण ग्लोबल समस्या है। डब्लूएचओ की रिपोर्ट खतरे की ओर इशारा कर रहा है। इससे प्रभावित मरीज यहां भी आते हैं। बच्चों में अस्थमा का केस बढ़ता जा रहा है। हर पांचवां मरीज अस्थमा से पीड़ित है। आंख, नाक, गले में जलन, सिरदर्द, थकान आदि की शिकायत आम है। प्रदूषण से हृदय रोग एवं कैंसर आदि होने का भी खतरा है।
कई दिन पहले निगम के कर्मचारी सिल्ट निकालकर नालों के किनारे डाल कर चले गए। अब सूख कर धूल उड़ने लगा है। बदबू एवं धूल के कारण लोग बहुत परेशान है।
- योगेश शर्मा, मैनेजर, उमराव वाटिका, रामघाट रोड
धूल के कारण सड़क पर चलना एवं सांस लेना मुश्किल है। रामघाट रोड पर धूल के कारण लोग बहुत परेशान हैं। नाले के पास तो धूल के कारण दुर्घटना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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- नरेंद्र, निवासी क्वार्सी नाले के पास
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