नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 23 फरवरी को बाबरी मंडी में सांप्रदायिक टकराव में गोली लगने से जख्मी मो. तारिक की शुक्रवार रात मौत के बाद जबरदस्त तनाव की चपेट में आया अपना शहर धीरे-धीरे अमन की राह पर लौटता दिख रहा है। शनिवार को जबरदस्त चर्चाओं और कयासों के बीच बाबरी मंडी और घास की मंडी को छोड़कर पूरे शहर के बाजार खुले। मगर, तनाव के चलते बाजारों में रौनक नहीं दिखाई दी। हां, इस दौरान तेली पाड़ा में जरूर कुछ लोगों ने बाजार बंद कराने की कोशिश की, मगर पुलिस ने उन्हें धमकाकर भगा दिया और बाजार सामान्य दिनों की तरह खुल गया। इधर, 23 फरवरी की घटना में बाबरी मंडी चौकी इंचार्ज को लापरवाह मानते हुए एसएसपी ने शुक्रवार की शाम उन्हें सस्पेंड कर दिया है। शहर के तनाव को देखते हुए सेक्टर स्कीम के तहत पुलिस बल व मजिस्ट्रेट तैनात हैं और ड्रोन कैमरों से लगातार शहर की निगरानी कराई जा रही है।
शुक्रवार की रात तारिक की मौत की खबर फैलने के बाद पुराने शहर के ऊपरकोट, चंदनशहीद रोड, सब्जी मंडी, अब्दुल करीम चौराहा, घास की मंडी, खटीकान, बनियापाड़ा, बाबरी मंडी, जयगंज आदि इलाकों में जबरदस्त तनाव का माहौल बन गया था। बाबरी मंडी को तो पुलिस ने रात में ही छावनी बना दिया था। बाकी इलाकों में भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। शहर के प्रत्येक थाना क्षेत्र में दस-दस लैपर्ड लगातार गश्त पर थीं। सुबह होने के बाद तनाव ज्यों का त्यों दिखाई दिया। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में लोग एक दूसरे की तरफ जाने से गुरेज करते देखे गए। मगर, 11 बजे के बाद जैसे ही बाजार खुलने शुरू हुए, हालात सामान्य होने लगे। घास की मंडी व बाबरी मंडी के मिश्रित इलाकों को छोड़कर सभी बाजार खुल गए।
तेलीपाड़ा में यूसुफ नाम के व्यक्ति ने कुछ लोगों को साथ लेकर तारिक की मौत के विरोध में दुकानें बंद कराने की कोशिश की, मगर वहां पहले से तैनात पुलिस ने इस हरकत पर सख्त रुख अपनाया। उन्हें धमकाकर वहां से वापस कर दिया और दुकानदारों से कहा कि आप अपनी मर्जी से दुकान खोल या बंद कर सकते हैं। किसी को जबरदस्ती नहीं करने दी जाएगी। इसके बाद दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल लीं।
इस दौरान एडीएम सिटी एसपी सिटी फोकस (कार्यालय) पर मौजूद रहे। कोतवाली में सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ प्रथम मौजूद रहे। जमालपुर में एसीएम व सीओ तृतीय सक्रिय रहे। इधर, तारिक व विनय के घर पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ बाबरी मंडी व घास की मंडी में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर रखा है। शनिवार को दिन भर विनय के घर भी लोगों की आवाजाही जारी रही। इस दौरान तारिक के घर पर दिनभर ताला लगा रहा।
चौकी इंचार्ज मूकदर्शक बना रहा, तारिक के लग गई गोली
23 फरवरी को जिस वक्त ऊपरकोट पर उपद्रव के बाद बाबरी मंडी में दो समुदायों में टकराव शुरू हुआ तो बाबरी मंडी चौकी इंचार्ज कपिल कुमार वहां मौजूद थे। वह लोगों को रोकने या शांत करने या समझाने के बजाय मूकदर्शक बनकर देखते रहे। एक तरफ इनकी लापरवाही से पुलिस चौकी में तैनात सिपाही फंसकर रह गए और दूसरी ओर उपद्रवियों ने तारिक को गोली मार दी। अन्य लोग भी फायरिंग व पथराव में जख्मी हो गए। इस दौरान इन्होंने बाहर से फोर्स को बुलाना या अधिकारियों को खबर देना उचित नहीं समझा। किसी तरह पुलिस चौकी में फंसे पुलिसकर्मियों ने थाने में सूचना दी। तब यहां से अधिकारी दौड़कर गए और वहां स्थिति को नियंत्रित किया गया। पूरे मामले में चौकी इंचार्ज को दोषी व लापरवाह मानते हुए एसएसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया है। निलंबन की कार्रवाई सीओ की रिपोर्ट मिलने के बाद शुक्रवार शाम की गई है। उनके स्थान पर दीवानी चौकी इंचार्ज दीपेंद्र बाल्यान को बाबरी मंडी पर नया चौकी इंचार्ज नियुक्त किया है।