चिकित्सालय के पहली मंजिल पर वार्ड नंबर-5 में बेड नंबर-9 पर भोप सिंह अपनी बीमारी से ज्यादा दिन-रात आने वाले ठंड हवाओं से परेशान हैं। उनका बेड खिड़की से ही सटा है, जिस पर केवल पर्दा है, जबकि शीशा नहीं है। हवा चलने से पर्दा हट जाता है, जिससे हवाएं आती हैं। वह उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। इसी वार्ड में बेड नंबर-4 पर बीमार महावीर हैं, वह भी ठंडी हवा से परेशान हैं। खिड़कियों से शीशा गायब है। उनकी पत्नी राधा ने बताया कि कंबल तो मिला है, लेकिन वह काफी पतला है। दूसरी मंजिल पर वार्ड नंबर-9 में खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए हैं, जो हवा के साथ हट जाते हैं। आने वाली हवा से मरीजों को बुरा हाल है। बेड नंबर-12 पर बीमार कामरान ने बताया कि वह ठंड से परेशान हैं, लेकिन हीटर का इंतजाम नहीं है। बेड नंबर-27 पर मरीज छोटेलाल ने बताया कि उन्हें सुबह चाय नहीं मिलती है, जबकि दोपहर और रात को नीचे पहली मंजिल पर आकर भोजन लेने आना पड़ता है। मरीज देवेंद्र ने भी भोजन के लिए नीचे उतरना तकलीफदेह बताया।
दोपहर 2 बजे : मलखान सिंह जिला अस्पताल
मलखान सिंह जिला अस्पताल में डॉक्टर और नर्स के कमरे में हीटर लगे थे। उस पर हाथ सेंकते रहे। उनके कमरे का तापमान वार्डों से कई गुना बेहतर रहा। एक बार उनके कमरे में जाने के बाद तीमारदार को वहां से वार्ड में आने पर ठंड से तकलीफ होती है। वार्ड नंबर-7, 8, 9 और 10 में भर्ती मरीज रमेश, गीता, सुनीता ने बताया कि इलाज से वह संतुष्ट हैं, लेकिन ठंड से परेशान हैं। जालीदार खिड़कियों से आने वाली हवाओं से परेशानी होती है। वार्ड में हीटर लगना चाहिए, क्योंकि कंबल भी काफी पतला है। उन्होंने कहा कि घर से कंबल मंगाना पड़ा है, फिर भी ठंड से बचाव नहीं हो पा रहा है। कहा, वार्ड में मौजूद स्टाफ बताते हैं कि अस्पताल से मिलने वाले कंबल को ओढ़ें। घर के कंबल के ऊपर अस्पताल का कंबल जरूर डालकर रखें।
दोपहर 2:30 बजे जिला महिला अस्पताल
कड़ाके की ठंड पर भी जिला महिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्स के कमरे में हीटर है, उन्हें ठंड से राहत मिल रही है। मगर, जज्जा-बच्चा वार्ड में हीटर का इंतजाम नहीं है। ठंड से जज्जा-बच्चा को परेशानी हो रही है। इससे जच्चा-बच्चा ठंड से ठिठुर रहे हैं। मीना ने बताया कि उनकी बहन की डिलिवरी हुई है, जो कंबल दिया गया है, वह काफी पतला है, जिससे ठंड नहीं जाती है। तीमारदार पवन ने बताया कि रिश्तेदार महिला की डिलिवरी हुई, उन्हें जो एक कंबल दिया गया है, उससे एक साथ जज्जा-बच्चा को नहीं ओढ़ाया जा सकता है। घर से कंबल मंगाना पड़ा, तब कुछ राहत मिल सकी। इ इस ठंड में वार्ड में हीटर या ब्लोअर की व्यवस्था होनी चाहिए।