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डॉक्टरों के कक्ष में लगे हैं हीटर: पतले कंबल, टूटी खिड़कियों से आतीं हवाएं, ठंड से मरीजों को कौन बचाए

Sat, 04 Jan 2025 03:28 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

3 जनवरी को अमर उजाला टीम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, मलखान सिंह जिला अस्पताल, मोहनलाल सिंह जिला महिला अस्पताल में वार्डों में भर्ती मरीजों को ठंड से बचाव के इंतजाम और सुविधाओं की पड़ताल की।
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दीनदयाल अस्पताल के वार्ड पांच में खिड़की से आती है हवा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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दिन भर छाए रहने वाले कोहर के बीच चल रहीं सर्द हवाओं ने हर किसी को बेचैन कर दिया है। अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे मरीज ठंड से कंपकंपा रहे हैं। वार्ड में मरीजों को ठंड से बचाव के मुकम्मल इंतजाम नहीं हैं। डॉक्टर और फार्मासिस्ट के कक्ष में जरूर रूम हीटर चल रहे हैं लेकिन यहां भर्ती मरीजों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। स्थिति यह है कि तीमारदार अपने मरीजों के लिए भी घर से मोटे कंबल ला रहे हैं। लेकिन रात के वक्त टूटी खिड़कियों से वार्ड के भीतर आने वालीं हवाओं से वार्ड इतने ठंडे हो जा रहे हैं कि कंबल काम नहीं कर रहे।

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3 जनवरी को अमर उजाला टीम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, मलखान सिंह जिला अस्पताल, मोहनलाल सिंह जिला महिला अस्पताल में वार्डों में भर्ती मरीजों को ठंड से बचाव के इंतजाम और सुविधाओं की पड़ताल की। सामने आया कि यहां पर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तो अपने लिया हीटर आदि का इंतजाम किया है लेकिन मरीजों के वार्ड और तीमादारों के लिए व्यवस्था नहीं की गई है। मरीजों को दिया गया कंबल उन्हें गर्माहट नहीं दे पा रहा। वार्ड की खिड़कियों से शीशे भी गायब हैं।
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वार्ड में ठंड से निपटने के लिए इंतजाम नहीं है। कंबल भी कभी पतला है।-मिथलेश कुमार, अवतार नगर
जज्जा-बच्चा वार्ड में हीटर नहीं है। ठंड से जज्जा-बच्चा को दिक्कतें हो रही हैं।-पवन कुमार, पला होली चौक
वार्ड में ठंड बहुत लगती है। कंबल जो मिला है, उससे ठंड नहीं जा रही है।-रचना, मरीज, सुदामापुरी
वार्ड में ठंड से बचाव के लिए हीटर का इंतजाम होना चाहिए। ठंड बहुत है।-चंद्रपाल, तीमारदार, डिबाई
जच्चा-बच्चा वार्ड में हीटर का इंतजाम कराया जा रहा है। वैसे भी वार्ड के दरवाजे और खिड़कियों को बंद कर दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से हीटर की व्यवस्था नहीं की गई थी।-डॉ. तैयब खान, सीएमएस, मोहनलाल गौतम जिला महिला अस्पताल
ठंड में डॉक्टर और नर्स के लिए हीटर उपलब्ध कराए जाते हैं। स्टोर रूम में भी हीटर है। अगर किसी मरीज लगता है कि उसे ज्यादा ठंड लग रही है, तो उन्हें हीटर उपलब्ध कराया जाता है। दो-तीन कंबल मरीज ले सकता है।-डॉ. एमके माथुर, सीएमएस, पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय,
अस्पतालों में ठंड से बचाव के इंतजाम हैं। खिड़कियों को दुरुस्त करा दिया गया है। अगर कहीं शीशे टूटे हैं, तो बदलवाया जाएगा। मरीजाें की सुरक्षा और उनका हित सर्वोपरि है।-डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ

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दोपहर 12:15 बजे : पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय

चिकित्सालय के पहली मंजिल पर वार्ड नंबर-5 में बेड नंबर-9 पर भोप सिंह अपनी बीमारी से ज्यादा दिन-रात आने वाले ठंड हवाओं से परेशान हैं। उनका बेड खिड़की से ही सटा है, जिस पर केवल पर्दा है, जबकि शीशा नहीं है। हवा चलने से पर्दा हट जाता है, जिससे हवाएं आती हैं। वह उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। इसी वार्ड में बेड नंबर-4 पर बीमार महावीर हैं, वह भी ठंडी हवा से परेशान हैं। खिड़कियों से शीशा गायब है। उनकी पत्नी राधा ने बताया कि कंबल तो मिला है, लेकिन वह काफी पतला है। दूसरी मंजिल पर वार्ड नंबर-9 में खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए हैं, जो हवा के साथ हट जाते हैं। आने वाली हवा से मरीजों को बुरा हाल है। बेड नंबर-12 पर बीमार कामरान ने बताया कि वह ठंड से परेशान हैं, लेकिन हीटर का इंतजाम नहीं है। बेड नंबर-27 पर मरीज छोटेलाल ने बताया कि उन्हें सुबह चाय नहीं मिलती है, जबकि दोपहर और रात को नीचे पहली मंजिल पर आकर भोजन लेने आना पड़ता है। मरीज देवेंद्र ने भी भोजन के लिए नीचे उतरना तकलीफदेह बताया।

दोपहर 2 बजे : मलखान सिंह जिला अस्पताल
मलखान सिंह जिला अस्पताल में डॉक्टर और नर्स के कमरे में हीटर लगे थे। उस पर हाथ सेंकते रहे। उनके कमरे का तापमान वार्डों से कई गुना बेहतर रहा। एक बार उनके कमरे में जाने के बाद तीमारदार को वहां से वार्ड में आने पर ठंड से तकलीफ होती है। वार्ड नंबर-7, 8, 9 और 10 में भर्ती मरीज रमेश, गीता, सुनीता ने बताया कि इलाज से वह संतुष्ट हैं, लेकिन ठंड से परेशान हैं। जालीदार खिड़कियों से आने वाली हवाओं से परेशानी होती है। वार्ड में हीटर लगना चाहिए, क्योंकि कंबल भी काफी पतला है। उन्होंने कहा कि घर से कंबल मंगाना पड़ा है, फिर भी ठंड से बचाव नहीं हो पा रहा है। कहा, वार्ड में मौजूद स्टाफ बताते हैं कि अस्पताल से मिलने वाले कंबल को ओढ़ें। घर के कंबल के ऊपर अस्पताल का कंबल जरूर डालकर रखें।

दोपहर 2:30 बजे जिला महिला अस्पताल
कड़ाके की ठंड पर भी जिला महिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्स के कमरे में हीटर है, उन्हें ठंड से राहत मिल रही है। मगर, जज्जा-बच्चा वार्ड में हीटर का इंतजाम नहीं है। ठंड से जज्जा-बच्चा को परेशानी हो रही है। इससे जच्चा-बच्चा ठंड से ठिठुर रहे हैं। मीना ने बताया कि उनकी बहन की डिलिवरी हुई है, जो कंबल दिया गया है, वह काफी पतला है, जिससे ठंड नहीं जाती है। तीमारदार पवन ने बताया कि रिश्तेदार महिला की डिलिवरी हुई, उन्हें जो एक कंबल दिया गया है, उससे एक साथ जज्जा-बच्चा को नहीं ओढ़ाया जा सकता है। घर से कंबल मंगाना पड़ा, तब कुछ राहत मिल सकी। इ इस ठंड में वार्ड में हीटर या ब्लोअर की व्यवस्था होनी चाहिए।
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