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पति-पत्नी और वो में पति की हत्या, हाथरस अड्डा पर जाम-हंगामा

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हाथरस अड्डा पर शव रखकर जाम लगाकर हंगामा करते लोगो को समझाते सीओ। - फोटो : CITY OFFICE
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महानगर के पला साहिबाबाद वाल्मीकि बस्ती से पत्नी को परीक्षा दिलाने बाराबंकी गए युवक की रेलवे ट्रैक पर लाश मिलने के मामले में मंगलवार को शव घर आने के बाद परिवार ने पत्नी पर प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या का आरोप लगाकर सनसनी मचा दी। इतना ही नहीं शव के अंतिम संस्कार के दौरान मायके पक्ष के लोगों से मारपीट तक हो गई।
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इसके बाद गुस्साए लोगों ने शव को हाथरस अड्डे पर रखकर आगरा रोड पर जाम लगा दिया और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई। इस दौरान परिजनों ने पुलिस के खिलाफ उग्र प्रदर्शन व नारेबाजी की। करीब आधा घंटे तक लगे जाम के बीच पहुंचे सीओ प्रथम व इंस्पेक्टर सासनी गेट ने परिजनों को समझाकर व हत्या का मुकदमा दर्ज करने का भरोसा दिया। तब हंगामा शांत हुआ और जाम खुला। बाद में पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस संबंध में सासनी गेट में निल पर मुकदमा दर्ज कर जांच बाराबंकी के मसौली थाने को ट्रांसफर कर दी गई है।
वाकये के अनुसार पुरुषोत्तम (22) पुत्र स्व. कैलाश निवासी पला साहिबाबाद वाल्मीकि बस्ती होली चौक अपनी बड़ी बहन निशा के साथ रहता था। वह स्थानीय रेलवे स्टेशन पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। दो महीने पहले उसकी शादी भुजपुरा निवासी डिंपी पुत्री प्रकाश मुंशी से हुई थी। बहन का आरोप है कि शादी के बाद से ही डिंपी का व्यवहार घर में ठीक नहीं था।
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आरोप है कि 16 जून को पुरुषोत्तम अपनी पत्नी को नर्स की परीक्षा दिलाने लखनऊ गया था। पेपर दिलाने के बाद पति-पत्नी होटल में ठहरने के लिए आये। आरोप है कि जैसे ही पुरुषोत्तम होटल के टायलेट में फ्रेश होने गया। डिंपी ने उसका दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और वहां से गायब हो गई। होटल स्टाफ को जानकारी देकर पुरुषोत्तम ने दरवाजा खुलवाया। बाद में वह अपनी पत्नी की तलाश में निकला। इस बीच उसने पूरी बात अपनी बहन को भी बताई। इसके बाद उसका किसी से कोई संपर्क नहीं हुआ।
17 जून की सुबह उसका शव बाराबंकी स्टेशन के रेलवे ट्रैक पर मिला। आरपीएफ ने परिजनों को इसकी सूचना दी। उधर बड़ी बहन निशा का आरोप है कि जब वह भाई का शव लेने बाराबंकी गई, तो वहां डिंपी व उसके पिता मौजूद थे। जब बहन ने डिंपी से सवाल जवाब किए तो वह झगड़े पर आमादा हो गई। इसके बाद वहां से पोस्टमार्टम आदि के बाद परिजन शव को लेकर 18 की सुबह अलीगढ़ आ गए। यहां से परिवार के कुछ लोग थाना सासनी गेट में हत्या का मुकदमा दर्ज कराने गए। आरोप है कि वहां से पुलिस ने उन्हें टरका दिया।
इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए कालीदह शमशान ले जाया गया, जहां किसी विवाद पर मायके पक्ष के लोगों से मारपीट हो गई। इसी पर बात बिगड़ गई और दोपहर में शव को लेकर लोग नारेबाजी करते हुए हाथरस अड्डा पर ले आए। जहां पुलिस विरोधी नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। यहां करीब आधा घंटे तक जाम लगा रहा। बाद में सीओ विशाल पांडेय व इंस्पेक्टर अनूप कुमार भारतीय ने समझाकर मामला शांत कराया। सीओ विशाल पांडेय के अनुसार मामले में बहन की तहरीर पर मृतक की पत्नी डिंपी, पिता प्रकाश मुंशी व अन्य तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। यह मुकदमा यहां निल पर दर्ज कर बाराबंकी ट्रांसफर किया गया है।
बहन की शादी का सपना रह गया अधूरा
अलीगढ़। पुरुषोत्तम घर में केवल दो ही सदस्य थे। एक वह और एक उसकी बड़ी बहन निशा। निशा ने बताया कि पुरुषोत्तम बहुत ही सरल स्वभाव का व्यक्ति था। वह हमेशा कहता था कि बहन में तेरी शादी ऐसी करूंगा कि दुनिया देखेगी। कई बार उसने मुझसे शादी के लिये कहा भी। लेकिन घर में उसके अलावा कोई महिला न होने के कारण उसने शादी नहीं की। माता-पिता का बचपन में ही देहांत हो गया था। इसके बाद से ही परिवार की पूरी जिम्मेदारी बहन पर आ गई। निशा ने बताया कि दो महीने पहले ही पुरुषोत्तम की शादी हुई थी। शादी के बाद से ही वह कहता था कि बहन अब तू भी शादी कर ले।

हाथरस अड्डा पर शव रखकर जाम लगाकर हंगामा करते लोग।- फोटो : CITY OFFICE

हाथरस अड्डा पर शव रखकर हाथों में चप्पल लेकर हंगामा करती महिला।- फोटो : CITY OFFICE

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