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बस ने बच्चों व अभिभावकों का कर दिया बेबस

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स्कूल से छुट्टी के बाद रामघाट रोड़ पर तेज धूप उमस से परेशान बच्चे पानी पीकर प्यास बुझाते। - फोटो : CITY OFFICE
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बच्चों को घर से लेने स्कूली बस के न आने पर अभिभावकों ने संत फिदेलिस स्कूल में जमकर हंगामा काटा। बस के अभाव में बच्चे व उनके अभिभावक बेबस नजर आए। पहले दिन बस की व्यवस्था की चरमरा गई। निजी वाहन से अभिभावकों के साथ बच्चे स्कूल पहुंचे। स्कूल खुलने से लेकर छुट्टी होने के बाद तक बच्चे व अभिभावक परेशान रहे।
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गर्मी की छुट्टियों के बाद पहली बार गुुरुवार को संत फिदेलिस स्कूल खुला। लिहाजा, निर्धारित समय पर बच्चे तैयार होकर बस का इंतजार करते रहे, लेकिन बस नहीं आई। इसके बाद अपने अभिभावक के साथ बच्चे निजी वाहन से स्कूल पहुंचे। इस दौरान संत फिदेलिस स्कूल के सीनियर व जूनियर विंग में अभिभावकों ने बस को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। स्कूल के लोगों के समझाने पर वह शांत हुए। निजी वाहनों के चलते सुबह व दोपहर रामघाट रोड पर जाम की स्थिति बन गई। काफी देर बाद आवागमन सामान्य हो सका। उधर, स्कूल प्रशासन का कहना है कि ट्रैवल एजेंसी से कोई लेना-देना नहीं है। अभिभावक इस बात पर जोर दे रहे थे कि इस मामले में स्कूल प्रशासन हस्तक्षेप करे। यह भी माना जा रहा है कि संशोधित मोटरयान अधिनियम से ट्रैवल एजेंसी की व्यवस्था बिगड़ गई है। दरअसल, स्कूल में लगने वाली बस 32 सीटर हो, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस लगे हों। इसके अलावा बच्चों की देखभाल के लिए एक महिला भी बस में ड्यूटी होनी चाहिए। जब तक ट्रैवल एजेंसी की व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटती, तब तक बच्चे व अभिभावकों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
स्कूली बस में थे दोगुने बच्चे
खिरनी गेट इलाके से आने वाली बसों की संख्या में कमी रही। पहले चार बसें आती थीं, वह भी 54 सीटर की। मगर, दो बसें आईं, वह भी 32 सीटर की। इसलिए, इन बसों में जितने बच्चे सीट पर बैठे थे, उतने ही बच्चे खड़े थे।
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