अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में छात्र ने पैरामेडिकल कर्मी से मारपीट कर दी। इससे नाराज कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया। इसी बीच जूनियर डॉक्टर से एक तीमारदार उलझ गया। इससे नाराज जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी। हड़ताल के कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बिना इलाज ही लौटना पड़ा। बीते सप्ताह पांच दिन तक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर थे। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थी।
घटना बुधवार दोपहर 3:10 बजे की है। मरीज का इलाज जल्द करने के लिए तीमारदार और पैरामेडिकल कर्मी के बीच बहस हो गई। थोड़ी देर में मेडिकल कॉलेज के छात्र और कर्मचारी आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी। ड्यूटी पर तैनात पैरा मेडिकल कर्मचारी धरने पर बैठ गए। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था लड़खड़ाने लगी।
पैरा मेडिकल कर्मचारियों ने बताया कि आपातकालीन वार्ड में मरीज को दवाएं दे दी गई थीं। दूसरा डोज देने में आठ से 12 घंटे लगते हैं। मरीज के तीमारदार इस बात को समझने के लिए तैयार नहीं थे। वह दवा देने के लिए दबाव डाल रहे थे। इसी बात को लेकर तीमारदार ने कर्मचारी से गालीगलौज कर दी।
इधर, तीमारदार आरिफ ने बताया कि मां का इलाज कराने आया था। नर्स ने रक्त का नमूना लिया। इसके बाद मां को दूसरे मेडिकल छात्र देखने लगे। इन छात्रों के साथ आए छात्र नेता आरिफ त्यागी से पैरामेडिकल कर्मी रफाकत अली ने अभद्रता की। इस पर रफाकत अली ने बताया कि आए दिन तीमारदार मारपीट करते हैं। उन्होंने किसी का गिरेबां नहीं पकड़ा, बल्कि तीमारदार ने उनके पेट में घूंसा मारा है। कर्मचारियों ने कहा कि आए दिन कर्मचारियों के साथ तीमारदार और छात्र मारपीट करते हैं। ऐसे में काम कर पाना मुश्किल हो रहा है।
वहीं, पैरामेडिकल कर्मचारियों के धरने पर बैठने से आपातकालीन वार्ड में जूनियर डॉक्टरों के सिवा कोई नहीं था। मरीजों के इलाज में अनदेखी का आरोप लगाते हुए तीमारदार जूनियर डॉक्टर से उलझ गए। दोनों तरफ से नोकझोंक शुरू हो गई। इसके बाद जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।
सहायक नर्सिंग अधीक्षक हुमा रूही ने बताया कि ड्यूटी बदलने के दौरान तीमारदार ने पैरामेडिकल कर्मचारी पर मरीज को दवा देने का दबाव बनाया, जबकि उन्हें दवा दी जा चुकी थी। स्टाफ को पता होता है कि किस मरीज को इलाज की तुरंत जरूरत है और किसे नहीं। हुमा रूही का कहना है कि पहले छात्र मेडिकल कॉलेज में आकर दबाव बनाते थे, जो बीच में रुक गया था। अब फिर से शुरू हो गया है। कर्मचारी के पेट में घूंसा मारा गया है। प्रॉक्टर से शिकायत कर दी गई है। मुकदमा के लिए तहरीर दी गई है।
मेडिकल कॉलेज में छात्रों और पैरामेडिकल कर्मी में नोकझोंक हो गई। एक-दूसरे पर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया गया है। धरने पर बैठे कर्मचारियों को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर समझाया गया है। जूनियर डॉक्टर से तीमारदार उलझ गए थे। इससे डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं, उन्हें भी समझाने का प्रयास चल रहा है।
- प्रो. सैयद नवाज जैदी, डिप्टी प्राॅक्टर, एएमयू।