सितंबर में लगातार तीन दिन की बारिश से तगड़ा झटका झेल चुके शहर के जलभराव प्रभावित इलाकों के लोग फिर इस बारिश के चलते दहशत में हैं। इन सभी इलाकों में पिछले 36 घंटे की बारिश ने रोजी-रोटी के संकट के साथ-साथ घरों में लोगों को खाने-पीने तक को मोहजात कर दिया है। ऊपर से जलभराव के कारण घरों से लोगों को निकलना मुश्किल हो गया है। इसके चलते चारों-ओर हा-हाकर के हालात हैं।
हाल ए शाहजमाल
शहर के निचले इलाकों में पनपे हालात के बीच सबसे पहले शाहजमाल पर गौर करें तो पिछली बार की तरह रास्तों पर इतना पानी है कि बाइक पूरी डूब जा रही है। राह चलते कंधों तक पानी आ रहा है। घरों में बेड तक पानी है। लोगों को घरों में मचान बनाकर रहना पड़ रहा है, जो झुग्गियों में वास करते हैं, वे दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो गए हैं। मगर वहां इंतजाम दुरुस्त करने कोई नहीं पहुंचा। शाजमाल कब्रिस्तान में कब्रें तक खुल गई हैं।
गोविंद नगर में भी संकट
हर बार की तरह गोविंद नगर इलाका भी इस संकट से अछूता नहीं। बाईपास का नाला ओवरफ्लो होकर बस्ती में पानी भरने लगा। हालांकि नगर निगम की टीम ने पहुंचकर यहां मिट्टी की बोरियों से पानी रोकने का इंतजाम शुरू किया। मगर इसका कोई असर नहीं दिखा। घरों में पानी भर गया।
ये इलाके भी बेहाल, सामान बह रहा गलियों में
इसके अलावा शहर का भुजपुरा, महेंद्र नगर, सुरेंद्र नगर, सुदामापुरी, नौरंगाबाद, अंबेडकर कालोनी आदि इलाकों में भी हालात बेकाबू हैं। पानी भरने का आलम ये है कि घरों का जरूरी सामान व खाने पीने तक का सामान गलियों में बह रहा था। लोग खाना बनाने व पीने तक को मोहताज थे।
सेंटर पार्क की पार्किंग फिर डूबी, पॉश कालोनी भी बेहाल
शहर के पॉश इलाकों में शुमार विक्रम कालोनी, विद्या नगर में लोग घरों से नहीं निकल पा रहे। गलियों में पानी भरा होने के कारण दोपहिया वाहन की मदद से ही निकलना हो पा रहा है। इसी तरह स्वर्ण जयंती नगर के सेंट्रल पार्क की पार्किंग फिर डूब गई। उसमें खड़े वाहन भी डूब गए। इसी तरह ईस्ट व्यू अपार्टमेंट की पार्किंग में पानी भरा हुआ है। जेएन मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग के वार्ड तक जलभराव से ग्रसित हो गए।
नाली-नाले, खाली प्लाट नहीं झेल पाए पानी
शहर के प्रमुख नाली नाले, खाली प्लाट अब हर तरफ ओवरफ्लो होने लगे। इस पानी को नहीं झेल पाए। हालात ये हैं कि क्वार्सी बाईपास का पूरा नाला ओवरफ्लो होकर कॉलोनियों में वापस पानी जा रहा है। इसी तरह सभी नाले पानी नहीं झेल पा रहे। शहर की इन कॉलोनियों के खाली प्लॉट अब तालाब-पोखर बन गए हैं। क्वार्सी बाईपास के नाले का पानी ओवरफ्लो होकर वापस स्वर्ण जयंती नगर कॉलोनी में आ रहा है। इसलिए यहां बारिश का व नाले का पानी प्लाटों में भरना शुरू हो गया है।
न आपदा प्रबंधन दिखा, न कहीं कोई सहायता पहुंची
कहने को अपने जिले में आपदा प्रबंधन की टीम भी गठित है। जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ शहर के कुछ लोगों को शामिल कर रखा है। मगर यह टीम भी इस आपदा में कहीं सक्रिय नहीं दिखाई दे रही।
जिन इलाकों में घरों में पानी भरा है और लोग खाने-दाने तक को मोहताज हैं। वहां उन तक सहायता पहुंचाने तक को कोई टीम नहीं दिख रही। वे लोग कैसे खाने पीने का इंतजाम कर रहे हैं। उनको क्या परेशानियां हैं, कहीं कोई बीमारी तो नहीं। यह सब जानने या उन्हें इस दिशा में मदद के लिए किसी इलाके में अभी कोई टीम नहीं पहुंची।