राशन कार्ड, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र, आवास, शौचालय आवेदन समेत अन्य कार्यों के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक, तहसील या मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। अब उनके यह सभी काम ग्राम पंचायत के पंचायत भवन स्थित पंचायत सेवा केंद्र पर ही हो जाएंगे। सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत सेवा केंद्रों की स्थापना का काम शुरू हो गया है। ग्राम पंचायत के अन टाइड फंड से होने वाले निर्माण की मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि शासन ने प्रत्येक गांव में सचिवालय की तर्ज पर पंचायत भवनों में पंचायत सेवा केंद्र की स्थापना के आदेश दिए हैं। इन केंद्रों पर जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र, वारिसान संबंधी नकल, मनरेगा जॉब कार्ड से लेकर आवास व शौचालय तक के आवेदन हो सकेंगे। महिलाओं के रोजगार परक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी केंद्र के माध्यम से संचालित होंगे। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के अन टाइड फंड से इस समय 378 पंचायत भवनों का निर्माण चल रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि 71 पंचायतों में भूमि विवाद है। इसे जल्द सुलझाने का प्रयास चल रहा है। शेष पंचायत भवनों की मरम्मत का काम चल रहा है। इसे 25 जुलाई तक पूर्ण करने के आदेश जारी किए गए हैं।
मॉनिटरिंग के लिए टीम नामित
सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने बताया कि पंचायत घर निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए ग्राम पंचायत वार टीम नामित कर दी है। टीम में खंड प्रेरक, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, सहायक विकास अधिकारी व अवर अभियंता आरईडी शामिल हैं। यह टीम स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामुदायिक शौचालयों की क्रियाशीलता व समूहों के कामों के साथ हाल ही में बने अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण की गुणवत्ता परख कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी।