फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: घोषणा बाकी, मगर बज चुका बिगुल, जातीय सियासत की बिसात पर चली जाने लगीं पंचायत चुनाव की चालें

Fri, 13 Jun 2025 02:13 PM IST
चमन शर्मा अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ जिले में जनवरी की शुरुआत में सबसे पहले प्रतिमा विवाद रोरावर क्षेत्र में सामने आया। उसे किसी तरह शांत किया गया। फिर दादों में ठीक उसी तरह का विवाद सामने आया। इसके अलावा अतरौली व इगलास में विवाद उपजाने के प्रयास हुए। अब चंद रोज पहले चंडौस क्षेत्र में महापुरुषों की प्रतिमा के विवाद ने तूल पकड़ा।
विज्ञापन
पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बेशक अभी सरकारी घोषणा बाकी है। मगर पंचायत चुनाव का बिगुल गांव-गांव बज चुका है। सियासी खेमे बनकर तैयार हैं। उसी खेमेबंदी की रणनीति के अनुसार मुद्दे उपजाए जा रहे हैं। शतरंज की बिसात बिछाई जा रही हैं। इसी बिसात का हिस्सा इन दिनों जिले में जातीय समीकरण बने हुए हैं। कहीं भी मुद्दा गरमाने या जातीय सियासत को रंग देने के मकसद से विवाद खड़े किए जा रहे हैं। जिनमें कहीं महापुरुषों की प्रतिमाओं का सहारा लिया जा रहा तो कहीं मामूली आपराधिक विवादों को तूल दिया जा रहा है।

विज्ञापन


अपने अलीगढ़ जिले में अगर ध्यान दें तो जनवरी की शुरुआत में सबसे पहले प्रतिमा विवाद रोरावर क्षेत्र में सामने आया। उसे किसी तरह शांत किया गया। फिर दादों में ठीक उसी तरह का विवाद सामने आया। इसके अलावा अतरौली व इगलास में विवाद उपजाने के प्रयास हुए। अब चंद रोज पहले चंडौस क्षेत्र में महापुरुषों की प्रतिमा के विवाद ने तूल पकड़ा। ताजा दो गांव विजयगढ़ व इगलास फिर से विवाद की जद में हैं। इन विषयों को लेकर खुफिया टीमें भी सक्रिय हैं। अब तक जिले में 40 ऐसे गांव चिह्नित कर लिए गए हैं, जहां कभी भी जातीय विवाद तूल पकड़ सकते हैं। कहीं प्रतिमा तो कहीं अन्य विवाद सामने लाए जा सकते हैं। वहां अब सिस्टम होमवर्क करने में जुटा हुआ है।

ये बिल्कुल सही है कि पंचायत चुनाव से पहले उन गांवों में यह विवाद उपजाए जा रहे, जहां जातीय सियासत का असर है। कहीं महापुरुषों की प्रतिमा के सहारे तो कहीं किसी आपराधिक घटना को रंग देकर विवाद आगे किए जा रहे हैं। हमने जिले में 40 ऐसे गांव चिह्नित किए हैं, जिनमें जातीय विवाद उपजाए जा सकते हैं। ऐसे गांवों में हमारी टीमें लगातार सक्रिय हैं। 125 से अधिक सियासी लोग चिह्नत किए हैं। उन्हें लगातार हिदायतें दी जा रही हैं। अगर कोई फसाद हुआ तो वे सबसे पहले कार्रवाई की जद में आएंगे।-संजीव सुमन, एसएसपी

विज्ञापन

ये तथ्य भी जानें

  • 26 गांव अभी तक प्रधानी रंजिश में संवेदनशील चिह्नित किए
  • 40 गांव अभी तक जातीय सियासत में संवेदनशील चिह्नित हैं
  • 125 से अधिक राजनीतिक लोग इन विवादों में जुड़े पाए गए

यहां हुए विवाद
  • 28 जनवरी की शाम रोरावर के भीमपुर इब्राहिमपुर में ग्राम समाज की भूमि पर दो दिन पहले लगाई गई प्रतिमा हटाने पर उपद्रव हुआ। पुलिस से भीड़ टकराई। आगजनी तोडफ़ोड़ तक हुई। यहां दो जातियों में प्रतिमा लगाने को लेकर गतिरोध था।
  • 12 मार्च को दादों के गांव शेखूपुर सटकना में ग्राम समाज की भूमि पर रात में प्रतिमा लगाई गई। सुबह हटाने पर यहां भी भीड़ पुलिस से टकराई। किसी तरह पुलिस ने हालात नियंत्रित किए। यहां भी दो जातियों में प्रतिमा लगाने को लेकर गतिरोध था।

यहां विवाद पनप रहे
  • विजयगढ़ के गांव नगला रानी माजरा भिनोली में 7 जून की रात प्रतिमा स्थापित की जा रही थी। मगर ग्रामीणों के विरोध व पुलिस के पहुंचने पर इसे रुकवाया गया। अब 9 जून को एसडीएम व एसएसपी से ग्रामीणों ने शिकायत कर गांव में शांति बहाली कराने को कहा गया है।
  • इगलास के गांव बेलौठ के प्रधान पति व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि का एक ऑडियो इन दिनों वायरल होने के साथ सुर्खियों में है। जिसमें गांव में प्रतिमा लगाने को लेकर दोनों एक दूसरे को गाली दे रहे हैं। साथ में अब प्रधान पति के समर्थन में 16 जून को ब्लाक घेराव प्रस्तावित है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें