यह किसी से छिपा नहीं है कि माफिया व दबंग किस्म के लोग चुनावों को प्रभावित करते हैं। वे चाहें जेल में हों या बाहर। उन्हें प्रत्याशियों के स्तर से यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है कि वे वोटरों को अपने स्तर से यह संदेश दें कि वोट किसके हक में करना है। इसके चलते चुनावी मौसम में जेल में ऐसे दबंग व माफिया से मुलाकातों का सिलसिला भी बढ़ जाता है और पुलिस व जेल प्रशासन को इन मुलाकातों पर निगरानी बढ़ानी पड़ती है। मगर इस बार जेल में मुलाकातों पर प्रतिबंध के चलते यह कवायद नहीं हो पाएगी और जेल से किसी माफिया या दबंग का संदेश बाहर नहीं आ पाएगा।
अलीगढ़ जनपद की पंचायत चुनाव से जुड़ी रंजिशों पर गौर करें तो यहां अतरौली का गांव चकाथल, पिसावा का गांव दमुआका, लोधा का गांव लौहर्रा, अतरौली का नरूपुरा कटका, अकराबाद का जिरौली हीरा सिंह, गोंडा दरबर सहित जिले के आधा दर्जन गांव ऐसे हैं, जहां चुनाव को लेकर रंजिशें मुखर रहती हैं। इन गांव से जुड़े दबंगों के सहारे प्रत्याशी अपनी नैया पार लगाने के प्रयास में रहता है। वे दबंग जेल में रहें या बाहर, उनसे हर तरह की मदद ली जाती है।
2015/16 में रहे थे पुलिस निगरानी में
पिछले पंचायत चुनाव में ऐसे दबंग व आपराधिक किस्म के लोगों को सूचीबद्ध कर लिया गया था, वे अगर जेल में थे तो उनकी जेल मुलाकातों पर पुलिस का कड़ा पहरा रखा गया था। उनसे कौन मिलने आता है, मुलाकात का मकसद क्या है। कौन सबसे अधिक मुलाकात करने आ रहा है। जो दबंग बाहर थे, उनके पीछे चुनावी दौरे में एक-एक सप्ताह के लिए पुलिस निगरानी लगा दी गई थी। उनके घर से निकलने से लेकर शाम को घर में प्रवेश तक दो सिपाही उनकी निगरानी में रहे थे। उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी गई थी।
इस बार जेल और दीवानी में आना जाना नहीं
यह चुनाव का पहला ऐसा मौका है, जब जेल में मुलाकातें बंद हैं और दीवानी में बंदी पेशी पर नहीं आ रहे। ऐसे में लोगों की चुनाव को लेकर मुलाकात नहीं हो पा रही हैं। इतना ही नहीं, अपने जिले के कुछ दबंग कासगंज, मथुरा और बुलंदशहर की जेलों में निरुद्ध हैं। वहां भी लोगों का जाकर मुलाकात करना पाना संभव नहीं हो पा रहा है। इसे पुलिस प्रशासन भी राहत महसूस कर रहा है।
- चुनाव में अपराधियों पर हर स्तर पर शिकंजा कसा जा रहा है। जेल में मुलाकातें पहले से प्रतिबंधित हैं। फिर भी हमारी इस बात पर निगरानी है कि कहीं कोई अपराधी किसी भी तरीके से चुनाव को प्रभावित करने का काम तो नहीं कर रहा है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी