त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सकुशल कराने के साथ ही कोरोना मुक्त कराना भी जिला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित होने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कोरोना को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जिसके तहत मतदान से पूर्व मतदान केंद्रों को सैनिटाइज कराना, सभी मतदान कर्मियों को मास्क पहनना और सभी के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड होना अनिवार्य कर दिया गया है।
आयोग का आदेश है कि जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी या उनकी ओर से नियुक्त डॉक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। जबकि विकास खंड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी या उनकी ओर से नियुक्त डॉक्टर नोडल अधिकारी होंगे। नोडल अधिकारियों पर ही कोविड के नियमों के पालन की जिम्मेदारी रहेगी। नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति, जो पर्चा दाखिल करना चाहता है, वो बिना मास्क के रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में नहीं जा सकता। साथ ही प्रवेश से पहले उसे साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने होंगे। कोविड नियमों के तहत कोई भी प्रधान प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान पांच से अधिक लोगों की भीड़ इकट्ठा नहीं कर सकता। प्रचार के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सभी उम्मीदवारों, दलों व समूहों को जनसभा, नुक्कड़ सभा करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जारी कोविड-19 से संबंधित सभी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए आयोजित करनी होंगी।
चुनाव कार्य में लगे प्रत्येक कर्मी को फेस मास्क लगाना आवश्यक होगा। मतदान केंद्र को उपयोग में लिए जाने से पूर्व सैनिटाइज कराया जाएगा। मतदान दलों के कर्मियों के प्रस्थान के समय उनका थर्मल स्कैनर से जांच की जाएगी। पान, गुटखा, तंबाकू आदि मादक पदार्थ का सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व/उप जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत विधान जायसवाल ने बताया कि सभी कोरोना गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा।