त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी प्रस्तावित आरक्षण को लेकर आई 750 आपत्तियों में मात्र एक आपत्ति स्वीकार की गई है। यह आपत्ति अकराबाद की ग्राम पंचायत जिरौली हीरा सिंह की है। त्रुटिवश इसे अनारक्षित श्रेणी में दर्शा दिया गया था। जिला स्तरीय समिति ने भूल सुधार करते हुए इसे पिछड़ी जाति वर्ग में आरक्षित कर दिया है। अभी भी करीब 40 आपत्तियां विचाराधीन हैं।
पंचायती राज विभाग की तरफ से दो मार्च को पंचायत चुनाव के लिए प्रस्तावित आरक्षण जारी किया था। इसमें जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व प्रधानी पद का आरक्षण शामिल था। प्रस्तावित आरक्षण पर चार मार्च से लेकर आठ मार्च तक आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा में प्रधान पद के लिए 689, जिला पंचायत सदस्य के लिए 58 व क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 37 आपत्तियां आईं।
बुधवार को डीएम चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में सीडीओ समेत अन्य अफसरों की जिलास्तरीय समिति की बैठक में इनमें से छह सौ से अधिक आपत्तियों को निरस्त कर दिया। शेष 184 आपत्तियों में से 144 बृहस्पतिवार को निस्तारित की गई। डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने बताया कि लंबे मंथन के बाद शेष 184 में से 144 आपत्तियों का निस्तारण बृहस्पतिवार को कर दिया गया है। इनमें मात्र अकराबाद की ग्राम पंचायत जिरौली हीरा सिंह के आरक्षण पर आई आपत्ति को स्वीकार किया गया है। त्रुटिवश इसे अनारक्षित श्रेणी में दर्शा दिया गया था। जिला स्तरीय समिति ने भूल सुधार करते हुए इसे पिछड़ी जाति वर्ग में आरक्षित कर दिया है। 40 आपत्तियां अभी विचाराधीन हैं। इनपर भी निर्णय तो हो चुका है। जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम की मोहर लगना बाकी है। इसके बाद कर्यवृत जारी कर 13 या 14 मार्च को अंतिम आरक्षण सूची जारी कर दी जाएगी।