त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज होने के साथ ही शासन-प्रशासन भी तैयारी पूरी करने में लगा है। जिले में पंचायत चुनाव के लिए इस बार 82 लाख मतपत्र आए हैं। इनमें प्रधानी के लिए हरा, बीडीसी यानी क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए नीला और जिला पंचायत के लिए गुलाबी मतपत्र का प्रयोग होगा। वहीं, ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव सफेद रंग के मतपत्र से होगा। सभी मतपत्र जिला प्रशासन ने सुरक्षित रखवा दिए हैं।
वर्ष 2021 में मार्च तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रस्तावित है। फिलहाल, जिले में मतदाता सूची का पुनरीक्षण अभियान चल रहा है। पंचायतीराज विभाग में चार नई नगर पंचायतें बढ़ने के बाद से पुन: परिसीमन की तैयारी में लग गया है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए मतपत्र दिल्ली से आ गए हैं। कुल 82 लाख मतपत्र आए हैं। हर मतदाता को चार मतपत्र दिए जाएंगे। इसमें सभी पर एक-एक प्रत्याशी को उसके पद के हिसाब से मतपत्र के तय रंग के आधार पर चुनना होगा।
पंचायत चुनाव को लेकर डीएम ने अधिकारियों को बांटे काम
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि मतदान, मतगणना व कार्मिक-कर्मियों को मतदाता सूची की ऑनलाइन फीडिंग का काम जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, डीआईओएस व सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को मिला हैै। मतदाता सूची को एसडीएम, बीडीओ व एडीओ पंचायत को दिया गया है। वहीं, नामांकन स्थलों का चयन सभी एसडीएम व बीडीओ करेंगे। मतदान केंद्र व मतदान स्थल पर मुहर संबंधित एसडीएम लगाएंगे। रूट चार्ट खंड विकास अधिकारी व सहायक विकास अधिकारी बनाएंगे। मतगणना स्थलों एवं स्ट्रांग रूम का चयन का काम बीडीओ व एडीओ पंचायत को दिया है। साथ ही सभी एसडीएम, सीओ, बीडीओ व संबंधित थानाध्यक्ष संवेदनशील व अति संवेदनशील मतदान केंद्रों का चयन करेंगे। मतदान पार्टियों के प्रस्थान के लिए स्थान का चयन का जिम्मा भी एसडीएम व बीडीओ को दिया है। इन सभी कामों के लिए अंतिम तिथि तय है, उसी के अनुसार काम पूरे किए जाने हैं।