दूसरे गांवों में बना दिए गए पोलिंग बूथ, चुनाव आयोग से शिकायत
ककौला, कृपालपुर, नगौला वालों ने नहीं किया मतदान
अमर उजाला ब्यूरो
खैर/गभाना/जट्टारी। तीसरे चरण के मतदान के दौरान गांव ककौला, कृपालपुर, नगौला के लोगों ने प्रशासन पर जानबूझकर मतदान केंद्र हटाने का आरोप लगाते हुए बहिष्कार किया। लोगों का तर्क था कि जब एमएलए एमपी के चुनाव में यहां मतदान केंद्र होता है तो अब क्यों नहीं। हालांकि डीएम ने भरोसा दिलाया है कि आगामी चुनाव में गांव में मतदान केंद्र बनेंगे। मगर शाम तक तीनों गांवों से कोई वोट डालने नहीं गया।
खैर के गांव ककौला में पोलिंग बूथ गांव से हटाकर बिहारीपुर व हैवतपुर किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। एसडीएम कोल प्रवीण कुमार लक्षकार आदि अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया परंतु ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों ने कई आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग, जिलाधिकारी और मानवाधिकार आयोग से फैक्स के माध्यम से की है। ग्रामीणों की मांग है कि उनके गांव में बूथ बनवाकर मतदान कराया जाए। ब्लॉक टप्पल के 750 वोटर वाले गांव कृपालपुर में अधिकांश लोग एससी वर्ग से आते हैं जिन्होंने शनिवार को हुए पंचायती चुनावों का बूथ बदलने को लेकर बहिष्कार कर दिया। जिसकी सूनना पर गांव में दोपहर बाद को एसओ टप्पल राजवीर सिंह, सीओ खैर ओपी सिंह, मजिस्ट्रेट, एसडीएम खैर प्रवीन कुमार लक्षकार व डीएम बलकार सिंह मय फोर्स के पहुंच गए। जिन्होंने ग्रामीणों को खूब समझाने का प्रयास किया। मगर ग्रामीण नहीं माने। इधर चंडौस ब्लाक के गभाना के गांव नगौला में भी एसडीएम के समझाने पर लोग वोट डालने नहीं गए।