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पालेंद्रः गांव कैमथल से बैंकाक तक का सफर और तस्वीरों में कुछ यादें

Thu, 15 Nov 2018 10:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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पालेंद्र - फोटो : अमर उजाला
एथलीट पालेंद्र कुमार का खेल सफर इगलास के गांव कैमथल से शुरू होकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खत्म हो गया। पालेंद्र की दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। पालेंद्र का जन्म कैमथल में एक जनवरी सन् 2000 को हुआ था। महेश कुमार की इकलौती संतान पालेंद्र ने गांव में ही दौड़ना शुरू किया। गांव में ही हाई स्कूल तक की शिक्षा लेने के बाद उसने वर्ष 2016 में डीपीएस में कक्षा 11 में दाखिला लिया था। यहीं से पालेंद्र के खेल में चार चांद लगना शुरू हो गए।

पालेंद्र ने सीनियर स्टेट एथलेटिक्स मीट के तहत लंबी कूद में स्वंर्ण पदक व 100 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता था। पालेंद्र को यूपी एथलेटिक टीम की कप्तानी भी मिली। उसकी अगुआई में यूपी टीम वर्ष 2106 में केरल की कालीकट यूनिवर्सिटी में आयोजित नेशनल यूथ चैंपियनशिप में शामिल हुई। वर्ष 2016 में लखनऊ में आयोजित ओपेन स्टेट एथलेटिक्स मीट के तहत 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक और लंबी कूद में रजत पदक जीता था।

इसी वर्ष पालेंद्र ने इंटर डीपीएस नेशनल एथलेटिक्स मीट में 100 व 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर डीपीएस अलीगढ़ का नाम रोशन किया। वर्ष 2017 में नई दिल्ली में आयोजित ओपन स्टेट एथलेटिक्स मीट में लंबी कूद व 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था।
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पालेंद्र का इंडिया कैंप में चयन 

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खुशी - फोटो : अमर उजाला
पालेंद्र कुमार का इंडिया कैंप में वर्ष 2020 में होने वाले ओलंपिक की तैयारियों के लिए चयन हुआ था। इसके अलावा पालेंद्र ने बैंकॉक में 21-23 मई को द्वितीय एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017 में मिड रिले रेस में स्वर्ण पदक व 200 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता था।
 
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आखिरी बार लखनऊ में दौड़ा था पालेंद्र 

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विजेता - फोटो : अमर उजाला
पालेंद्र कुमार अपनी जिंदगी की अंतिम दौड़ सितंबर 2108 में लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में दौड़ा था। पालेंद्र ने दौड़ से चयनकर्ताओं को प्रभावित भी किया था। 100 व 200 मीटर में स्वर्ण व रजत पदक भी जीता था। उसका चयन रांची झारखंड के बिरसा मुंडा स्टेडियम में होने वाली 34वीं नेशनल एथलेटिक्स मीट के लिए हुआ था।

 

अगली बार आऊं तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलते नजर आना... 

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जज्बा - फोटो : अमर उजाला
गांव दौंकोली, शहरी मदन गढ़ी सहित अन्य गांवों में एथलेटिक्स मीट हर साल होती है। वर्ष 2012 में शहरी मदनगढ़ी में लक्ष्यमा एथलेटिक्स मीट कैमथल में हुई थी। इस मीट में मुख्य अतिथि के तौर पर तत्कालीन एसपी यातायात अरुण कुमार सिंह थे। उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि अगली बार जब मैं आऊं तो कौन अंतराष्ट्रीय खेलता नजर आएगा। सामने बैठे पालेंद्र ने तपाक से कहा कि सर मैं खेलता नजर आऊंगा। पालेंद्र ने अपनी इच्छाशक्ति के बूते से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर न केवल दौड़ा, बल्कि स्वर्ण पदक भी जीता।
 
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छेडख़ानी का दर्ज हुआ मुकदमा

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दुखद अंत - फोटो : अमर उजाला
दिसंबर 2017 में राज्य स्तरीय बालिका बॉक्सिंग प्रतियोगिता चल रही थी। स्टेडियम में बॉक्सर सुबह नाश्ता कर रहे थे, तभी पालेंद्र अपने साथी खिलाडिय़ों के साथ नाश्ता करने पहुंच गया। बताया जाता है कि पालेंद्र पर छेडख़ानी का आरोप लगाया गया। थाना क्वार्सी में पालेंद्र के खिलाफ छेडख़ानी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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