फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब्दुस सलाम की जयंती: पाक में मिला अपमान तो एएमयू को दे दिया था नोबेल सम्मान, लाइब्रेरी में रखा है आज भी

Thu, 29 Jan 2026 11:49 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

लाइब्रेरी में रखा गया यह नोबेल पुरस्कार न सिर्फ एक वैज्ञानिक उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि यह उस वैश्विक सम्मान की भी याद दिलाता है, जो प्रो. सलाम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला, जबकि अपने ही देश पाकिस्तान में उन्हें वह सम्मान और स्वीकृति नहीं मिल सकी, जिसके वह हकदार थे।
विज्ञापन
मौलाना आजाद लाइब्रेरी में प्रो अब्दुस सलाम का नोबेल सम्मान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के मौलाना आजाद लाइब्रेरी पाकिस्तानी वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. अब्दुस सलाम की स्मृतियों को सहेजे हुए है। भौतिकी के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें 1979 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पाकिस्तानियों की हरकतों से परेशान होकर उन्होंने यह पुरस्कार स्वयं एएमयू को भेंट किया, जो आज भी विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वह 29 जनवरी 1926 को पाकिस्तान में जन्मे थे।

विज्ञापन


लाइब्रेरी में रखा गया यह नोबेल पुरस्कार न सिर्फ एक वैज्ञानिक उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि यह उस वैश्विक सम्मान की भी याद दिलाता है, जो प्रो. सलाम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला, जबकि अपने ही देश पाकिस्तान में उन्हें वह सम्मान और स्वीकृति नहीं मिल सकी, जिसके वह हकदार थे। यही कारण है कि दूर-दूर से लोग संग्रहालय में यह देखने आते हैं कि नोबेल पुरस्कार वास्तव में कैसा होता है। एएमयू के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राहत अबरार ने बताया कि प्रो. अब्दुस सलाम का एएमयू से गहरा और भावनात्मक रिश्ता रहा। वह कई बार यहां आए।

प्रो. सलाम से मिल चुके हैं प्रो. उस्मानी 
एएमयू के भौतिकी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनीसुल ऐन उस्मानी भी कई अवसरों पर प्रो. सलाम से मिल चुके हैं। इन मुलाकातों के दौरान विज्ञान, शिक्षा और विकासशील देशों में शोध संस्कृति को लेकर गंभीर और प्रेरक चर्चाएं हुईं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें