नई बस्ती के कैलाश सचदेवा के परिवार में भी खुशी का माहौल है। 12 साल पहले वह भी पाकिस्तान से नई बस्ती अपने परिवार के साथ आ गए थे। यहां पर उनके रिश्तेदार पहले से ही रहते थे। कैलाश का खिरनी गेट पर कॉस्मेटिक के सामान का शोरूम है। कैलाश कुमार ने बताया कि वर्ष 2015 में आवेदन किया था। अब जाकर नागरिकता मिली है। उनके पिता रमेश लाल को भारत की नागरिकता मिल चुकी है। परिवार के अन्य सदस्यों की नागरिकता प्रक्रिया चल रही है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है पत्र
जगदीश और कैलाश को नागरिकता देने के संबंध में गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक आईएएस शीतल वर्मा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि नागरिकता नियम, 2009 के नियम के तहत पात्र आवेदकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का कार्य किया जाता है। नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 के तहत राज्य स्तरीय सशक्त समिति द्वारा अलीगढ़, लखनऊ, पीलीभीत, अंबेडकर नगर, हाथरस, व कानपुर के 35 पाकिस्तानी व बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता दी गई है।
नागरिकता के काम में तेजी लाने की अपील
अलीगढ़ सिंधी समाज के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजानी कहते हैं कि वह केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हैं कि नागरिकता के काम में तेजी आई। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जरूरत है। जिससे समाज के लोगों को और राहत मिल सके।