कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी बड़े अस्पतालों के साथ ही सभी सीएचसी और पीएचसी पर भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि इसको लेकर प्लानिंग तैयार की जाए। इसके लिए नगर निकाय व नगर पालिकाओं में उपलब्ध धनराशि का इस्तेमाल होगा। वहीं, बच्चों पर तीसरी लहर के अधिक असर होने की संभावना को देखते हुए डीएम ने पीकू वार्ड निर्माण की सीडीओ नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट परिसर में हुई कोरोना की समीक्षा बैठक में डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जनपद में मचा हाहाकार अब शांत है। सरकार द्वारा भी कुछ आवश्यक पाबंदियों के साथ बाजार खोल दिया है। मगर, लोगों को अभी भी सावधानी बरतनी होगी, इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों पर है। जिले में वैक्सीनेशन का कार्य तेजी के साथ चल रहा है। फ्रंटलाइन वर्कर्स की मदद से संक्रमण का आंकड़ा दहाई से भी काफी नीचे आ पहुंचा है। तीसरी लहर को रोकने की तैयारियों का अब यह समय है। इसके लिए चिकित्सालयों में दवाइयों, उपकरणों, स्टाफ समेत ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना का निर्णय सरकार ने लिया गया। इसी क्रम में सीएचसी पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी स्थापित करने का निर्देश दिया गए हैं। उन्होंने सीडीओ व सीएमओ समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में उपलब्ध धनराशि से सभी सीएचसी, पीएचसी पर ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र की स्थापना कराना सुनिश्चित करें। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल को निर्देशित किया है कि पीकू वार्ड की स्थापना का कार्य समय से पूरा हो, नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। बैठक में जिला प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य व अन्य विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।