कोरोना काल में जीवनरक्षक ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने में कासिमपुर स्थित राधा ऑक्सीजन प्लांट के संचालक और दो बिचौलिये फंस गए हैं। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के निर्देश पर हुई जांच एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने पूरी कर ली है। ये रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई थी। उसके बाद उनके निर्देश पर प्लांट संचालक और बिचौलियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।
एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने बताया कि तीनों के खिलाफ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इन सभी को कालाबाजारी का दोषी मानते हुए मुकदमा दर्ज कराने से पहले जवाब तलब किया गया है। गौर हो कि बीते दिनों राधिका गैस प्लांट कासिमपुर से संबंधित एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें कुछ लोग प्रशासन के कुछ लोगों का नाम लेते हुए दिखते हैं। प्लांट की मालकिन ने कुछ लोगों पर संगीन आरोप लगाए थे।
इस पर डीएम ने एसडीएम कोल को जांच सौंपी थी। एसडीएम की जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं। जिसमें पता चला है कि समीर व दीपक नाम के बिचौलियों के साथ मिलकर प्लांट संचालक ने ही सब कुछ किया था। हर दिन बिना रिकार्ड के दर्जनों सिलिंडर बेच दिए गए। ये सिलिंडर तयशुदा रेट से अधिक में बेचे गए। एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने तीनों को नोटिस जारी किया है। जिसमें कहा है कि क्यों न कालाबाजारी का आरोपित मानते हुए सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। तीन दिन में सभी का जवाब मांगा गया है।