जिला महिला अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल वार्ष्णेय ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में बदलती जीवनशैली, मोटापा, देर से बच्चे पैदा करना, हार्मोनल असंतुलन और आनुवंशिक कारक जिम्मेदार हैं। महिलाओं में यह सबसे आम कैंसर बन चुका है। शुरुआती लक्षणों में स्तन में गांठ, आकार में बदलाव और त्वचा पर परिवर्तन शामिल हैं।
गैर संचारी रोग अभियान के तहत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ब्रेस्ट और ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग हो रही है। इसमें पहचान में आने वाले मरीजों का तत्काल उपचार किया जाता है।-डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव
नियमित व्यायाम, स्वस्थ आहार, स्तनपान, समय पर स्क्रीनिंग (जैसे मैमोग्राफी)। गांठ, त्वचा में बदलाव पर ध्यान देकर जोखिम को कम किया जा सकता है।
वर्ष-2023
- ओरल कैंसर-34
- ब्रेस्ट कैंसर-13
वर्ष-2024
- ओरल कैंसर-48
- ब्रेस्ट कैंसर-15
वर्ष-2025
- ओरल कैंसर-56
- ब्रेस्ट कैंसर-26