प्रदेश सरकार के नवनिर्माण के नौ वर्ष पूरे होने पर उपलब्धियों का शक्ति प्रदर्शन करने के लिए मंच तो पूरी भव्यता से सजाया गया था, लेकिन महफिल में रौनकी चेहरों की कमी चर्चा का विषय बनी रही। सिर्फ दो विधायकों ने ही नौ वर्ष का कामकाज गिनाया।
जिले के प्रभारी मंत्री से लेकर अधिकांश स्थानीय विधायकों और दिग्गजों की अनुपस्थिति ने कार्यक्रम की चमक को फीका कर दिया। योजना तो यह थी कि जिले के प्रभारी मंत्री और गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण मुख्य अतिथि के रूप में सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे।
उनके साथ जिले की सभी विधानसभाओं के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों का हुजूम होना था, लेकिन हकीकत में मंच पर केवल दो ही जनप्रतिनिधि नजर आए। कोल विधायक अनिल पाराशर और एमएलसी डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह। बाकी माननीय इस महत्वपूर्ण आयोजन से दूरी बनाए रहे।
प्रभारी मंत्री के न आने का कारण स्पष्ट करते हुए बताया गया कि बृहस्पतिवार को मथुरा में राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियों के चलते वे व्यस्त हैं, लेकिन जिले के अन्य विधायकों और जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर कोई ठोस जवाब नहीं मिल सका।
उपद्रव प्रदेश से उत्तम प्रदेश बनकर उभरा यूपी : एमएलसी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के नवनिर्माण के नौ वर्ष पूर्ण होने पर जनप्रतिनिधियों ने अपनी उपलब्धियों को गिनाया। अलीगढ़ में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश उपद्रव प्रदेश से उत्तम प्रदेश बनकर उभरा है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने शिक्षकों और रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा का तोहफा दिया है। साथ ही, डीबीटी के माध्यम से 31 विभागों की 191 योजनाओं का लाभ सीधे जनता के खातों में पहुंच रहा है। विधायक अनिल पाराशर ने कहा कि अलीगढ़ मेट्रो, क्वार्सी में मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट के पास मेंटेनेंस हब उनकी प्राथमिकता में शामिल हैं। इस अवसर पर सीडीओ योगेन्द्र कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। ब्यूरो