कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में इमरजेंसी ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जबकि सेलेक्टिव ऑपरेशन जैसे- मोतियाबिंद, आंख, हर्निया, हड्डी, रसौली, स्त्री रोग, दांत, पथरी, होंठ, हृदय, ईएनटी, बवासीर, गांठ आदि टाले जा रहे हैं। मरीजों को अगले माह की तारीखें दी जा रही हैं। वहीं, जेएन मेडिकल कॉलेज में पहले हृदय संबंधी 10 से 15 ऑपरेशन प्रति सप्ताह होते थे, वर्तमान में सिर्फ 4-5 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इधर, अस्पतालों में रुटीन में आने वाले मरीजों की संख्या में भी कमी आई है।
कोरोना की प्रथम एवं दूसरी लहर के दौरान काफी संख्या में ऑपरेशन टालने की नौबत आई थी। तीसरी लहर में भी वही स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसकी वजह से गंभीर मरीज भी ऑपरेशन से बच रहे हैं। वर्तमान में सरकारी एवं निजी अस्पतालों में इमरजेंसी ऑपरेशनों को ही वरीयता दी जा रही है। ऑपरेशन से डॉक्टर ही नहीं मरीज भी बच रहे हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक प्रो. हैरिस खान कहते हैं कि कोरोना के कारण ऑपरेशन पर असर पड़ा है। जरूरी ऑपरेशन ही किए जा रहे हैं। पहले की तुलना में मरीजों की संख्या में गिरावट आई है। जेएन मेडिकल कॉलेज के हृदय सर्जरी विभाग के डॉ. आजम हसीन कहते हैं कि पहले प्रति सप्ताह 10 से 15 हृदय संबंधी ऑपरेशन होते थे, वर्तमान में 4 से 5 हो रहे हैं। मरीज भी अस्पताल में कम आ रहे हैं।
ये है ऑपरेशन टालने का कारण
साल 2021 में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। एक पखवाड़े में संक्रमित मरीजों की संख्या दो हजार पार हो गई है। जनपद में 1500 से अधिक सक्रिय केस हो गए हैं। बड़ी संख्या में डॉक्टर, नर्स एवं पैरा मेडिकल स्टाफ कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। कोविड अस्पताल चिन्हित कर लिए गए हैं लेकिन अस्पतालों में कोविड के अतिरिक्त सामान्य मरीजों को भी उपचार दिया जा रहा है। इसकी वजह से स्टाफ भी बंट गया है। वहीं, कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मरीज अस्पतालों में जाने से बच रहे हैं।
केस...1
कमालपुर निवासी वेद प्रकाश हर्निया से पीड़ित हैं। सोमवार को ऑपरेशन का समय निर्धारित था। कोविड को देखते हुए चिकित्सक ने फरवरी में ऑपरेशन का समय दिया गया है।
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केस...2
डिबाई की रहने वाली सत्यवती यहां के एक निजी हॉस्पिटल में रसौली का ऑपरेशन कराने आई थीं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए फरवरी में ऑपरेशन की तारीख दी गई है।
समस्या हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं
कोरोना के कारण हृदय व दूसरे गंभीर मरीज कम आ रहे हैं, लेकिन जिन्हें परेशानी है, वे जरूर अस्पताल में आएं और उपचार कराएं। समय पर ऑपरेशन नहीं होने से कोरोना से भी ज्यादा खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसलिए समस्या है तो डॉक्टर को जरूर दिखवाएं। डॉक्टर परिस्थितियों को समझकर मरीज के हक में निर्णय लेंगे। स्वयं से निर्णय लेना खतरे को आमंत्रित करने के समान है।
- डॉ. आजम हसीन, हृदय सर्जरी विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज
इमरजेंसी ऑपरेशन में कोई बाधा नहीं है। वैसे ऑपरेशन जरूर टाले जा रहा है, जो कुछ समय के बाद भी हो सकते हैं और मरीज को कोई नुकसान नहीं है। बहुत सारे डॉक्टर व स्टाफ कोविड में लगा दिए गए हैं।
- डॉ. अनुपम भास्कर, सीएमएस
कोरोना के कारण ऑपरेशन पर 15 से 20 प्रतिशत तक का फर्क पड़ा है। अस्पताल में सभी तरह के ऑपरेशन अभी हो रहे हैं। कोविड को ध्यान में रखते हुए पूरी सावधानी बरती जा रही है।
- डॉ सुधीर वर्मा, प्रभारी सीएमएस, मलखान सिंह जिला अस्पताल
कोरोना के कारण इमरजेंसी ऑपरेशन ज्यादा हो रहे हैं, जो ऑपरेशन बाद में हो सकते हैं उनको टाला जा रहा हैं। मरीज भी कम आ रहे हैं। पथरी, हर्निया, रसौली आदि के ऑपरेशन की तारीख फरवरी की दी जा रही है।
- डॉ. संजीव, एसजेडी हॉस्पिटल
कोरोना के कारण सेलेक्टिव ऑपरेशन पर अधिक प्रभाव पड़ा है। ऑपरेशन तो टाले ही जा रहे हैं। मरीज भी कम आ रहे हैं। हॉर्निया, मोतियाबिंद एवं गॉल ब्लेडर आदि के ऑपरेशन कुछ समय बाद भी हो सकते हैं।
- डॉ. ऋषभ गौतम, अभिश्री हॉस्पिटल एवं सचिव, प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन
इमरजेंसी ऑपरेशन को नहीं टाला जा सकता है। कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए ऑपरेशन होते हैं। मरीज की कोविड जांच कराते हैं। सेलेक्टिव ऑपरेशन में 70 प्रतिशत तक की गिरावट है।
- डॉ. संजय भार्गव, वरुण ट्रॉमा सेंटर
कोरोना, शीतलहर एवं चुनाव की वजह से मरीजों की संख्या में कमी आई है। मरीज कम आ रहे हैं। मोतियाबिंद एवं अन्य ऑपरेशन में 25 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
- मधुप लहरी, गांधी नेत्र चिकित्सालय
मलखान सिंह जिला अस्पताल में ऑपरेशन की स्थिति
महीना मेजर ऑपरेशन माइनर ऑपरेशन
नवंबर 2021 124 33
दिसंबर 2021 195 43
15 जनवरी 2022 तक 130 17
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में ऑपरेशन की स्थिति
सितंबर-अक्तूबर 2021 46 156
अक्तूबर-नवंबर 2021 57 87
नवंबर-दिसंबर 2021 172 330
जनवरी 2022 40 63
गांधी नेत्र चिकित्सालय में ऑपरेशन की स्थिति
महीना ओपीडी ऑपरेशन
नवंबर 2021 6539 434
दिसंबर 2021 7662 582
15 जनवरी 2022 3046 211
डॉ. मधुप लहरी- फोटो : CITY OFFICE
डॉ. संजय भार्गव- फोटो : CITY OFFICE