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Aligarh News: 84 खरीद केंद्रों पर आठ दिन में मात्र 23 क्विंटल गेहूं की खरीद

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मंडी में गेहूं की नमी की जांच करता किसान। संवाद
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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में पानी भर जाने से फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। कहीं गेहूं की बालियां सड़ गई हैं तो कहीं पूरी फसल काली पड़ चुकी है। पिछले आठ दिनों में जिले भर में खुले 84 गेहूं खरीद केंद्र पर सोमवार तक मात्र 23 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है।

फसल की बर्बादी के कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। इससे किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। खेतों में फसल कटाई, निकासी व अनाज मंडी तक अपनी उपज को ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसानों की फसल के साथ ही उनके सपने भी डूब गए हैं।
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किसी ने बेटे की शादी की तैयारी इसी फसल के भरोसे की थी तो किसी ने मकान बनवाने की योजना बनाई थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने सभी योजनाओं पर पानी फेर दिया है। बराैली- श्यामपुर से धनीपुर मंडी पहुंचे किसान श्योराज सिंह का कहना था कि बारिश में गेहूं भीग जाने से अधिक नमी हो गई है, जिससे सरकारी केंद्रों पर 23 फीसदी के मानक के अनुरूप गेहूं नहीं खरीदा जा सकता है।


मजबूरी में मंडी में आढ़तियों को एमएसपी ( समर्थन मूल्य) पर गेहूं बेचना पड़ रहा है। उधर, सरकारी सर्वे को लेकर भी किसानों में निराशा है। उनका कहना है कि पहले भी सर्वे में वास्तविक नुकसान का सही आकलन नहीं किया गया, जिससे मुआवजा पर्याप्त नहीं मिल पाया। फिलहाल किसान मौसम खुलने की आस में हैं, लेकिन माैसम विभाग द्वारा अगले दो दिन तक बारिश व माैसम के खराब होने की चेतावनी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।



क्रय केंद्रों पर पसरा पड़ा है सन्नाटा



जिले भर में 30 मार्च से 84 गेहूं क्रय केंद्र खुले हुए हैं। इनमें पीसीएफ के 70, यूपीएसएस के 10, एफसीआई के 04 केंद्र शामिल हैं। इन आठ दिनों में यहां गेहूं बेचने के लिए किसान नहीं पहुंचे हैं। पहले दिन सोमवार को धनीपुर स्थित पीसीएफ के खरीद केंद्र पर मात्र 23 क्विंटल गेहूं ही खरीदा जा सका। सबसे खास बात है कि पिछले तीन सालों में पहली बार ऐसा हुआ है कि आठ दिनों में अब तक सबसे कम मात्र 23 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो सकी है।
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अभी खेतों में गेहूं केी कटाई चल रही है। ऐसे में किसान बेहद कम संख्या में क्रय केंद्रों पर आ रहे हैं। माैसम साफ होने के दो- चार दिन में खरीद बढ़ जाएगी।



- मोनिका माहेश्वरी, जिला विपणन अधिकारी
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