एएमयू के जाकिर हुसैन इंजीनियरिंग कॉलेज के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से बिहेवियर ऑफ स्मार्ट मेटेरियल एंड कंक्रीट स्ट्रक्चर्स विषय पर दो दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि पदार्थ व टेक्नोलॉजी में विकास के साथ ही निर्माण इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नए पदार्थों के प्रयोग में बढ़ोत्तरी हुई है। इस संबंध में स्मार्ट पदार्थों का प्रयोग एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जिस पर शोध से लेकर प्रयोग तक नए सिरे से विचार किया जाना चाहिए।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के डॉ. अकील अहमद ने यूज ऑफ स्मार्ट मैटेरियल्स फॉर स्ट्रक्चरल कंट्रोल विषय पर उद्घाटन व्याख्यान प्रस्तुत किया। डीटीयू की डॉ. शिल्पा पॉल ने डेवलमेंट ऑफ सैल्फ हीलिंग कंक्रीट फॉर क्रैक रिपेयर विषय पर दूसरा टेक्नीकल व्याख्यान प्रस्तुत किया। दूसरे दिन बेनेट यूनिवर्सिटी के डॉ. टी. वीजालक्षी ने पीजो की सहायता से स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनीटरिंग विषय पर व्याख्यान दिया। आईआईटी रुड़की के प्रो. अशरफ इकबाल ने बिहेवियर ऑफ प्रेस ट्रेस्ड कंक्त्रस्ीट एलीमेंटस अंडर इम्पैक्ट लोडिंग विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष व प्रोग्राम कनवीनर प्रो. अब्दुल बाकी ने कहा कि स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनीटरिंग एक उभरता हुआ विषय है, जिसमें भवनों में होने वाले नुकसान का पता लगाने के साथ ही इसकी मरम्मत के लिए पीजो सेंसर्ज का प्रयोग किया जा सकता है।
प्रोग्राम कोआर्डिनेटर प्रो. अमजद मसूद ने कंक्रीट पदार्थों के विभिन्न रूप तथा उनके व्यवहार पर प्रकाश डाला। कंप्यूटर सेंटर के निदेशक डॉ. परवेज महमूद खान कार्यक्रम के टेक्नीकल कोआर्डिनेटर, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. मोहम्मद शारिक, डॉ. एसएम इब्राहीम सहायक कोआर्डिनेटर थे।