लॉकडाउन के दौरान के बिजली बिल के फिक्स चार्ज को लेकर उद्यमियों में भ्रम की स्थिति है। कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि बिलों के साथ फिक्स चार्ज-डिमांड चार्जेज जोड़ कर आ रहा है।
सासनी गेट औद्योगिक आस्थान वेलफेयर संस्थान के महामंत्री राजेश सरकोंडा ने मुख्यमंत्री से सभी बिजली बिलों में से फिक्स चार्ज हटाने की मांग की है। उनका आरोप है कि बिलों में फिक्स चार्ज जुड़ कर आ रहा है। उन्होंने दुकानदारों के बिजली के बिल को भी माफ करने की भी मांग मुख्यमंत्री से की है। जबकि औद्योगिक आस्थान उत्पादन समिति के सचिव दिनेश शास्त्री का कहना है कि प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन काल में फिक्स चार्ज में वास्तविक रूप से छूट देकर राहत दे दी है।
माह मार्च-अप्रैल के बीच करीब 40 दिन का बिजली बिल आ रहा है। बिल की रीडिंग में समय के अनुपात में जितने दिन लॉकडाउन रहा है, उस राशि को बिल में घटा दिया गया है। तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन के महामंत्री सुनील दत्ता ने बताया कि फिक्स चार्ज को लेकर भ्रम की स्थिति थी। हालांकि आज अधिकारियों से बातचीत के बाद स्थित कुछ क्लीयर हुई है। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण धर्मेंद्र सारस्वत ने बताया कि अप्रैल के महीने में फिक्सड चार्ज का एक तिहाई ही जमा करना है। 15 मई तक उद्यमी बिल जमा कर सकते हैं। रीडिंग का पूरा पैसा देना होगा। उन्होंने कहा कि दो तिहाई बिल आगे वाले बिलों में जुड़कर आएगा या नहीं, इस संबंध में सरकार द्वारा फैसला लिया जाना है।