आगरा रोड स्थित एक हॉस्पिटल में दुर्गापुरी की महिला संक्रमित पाई गई थी। उस समय यह आरोप लगा था कि अनुसूचित जाति बस्ती में स्वास्थ्य विभाग की टीम नमूने लेने नहीं पहुंची। मामला गरमाता देख स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 18-19 मई को दुर्गापुरी से 24 लोगों का नमूने लिए गए।
दुर्भाग्य देखिए कि एक जून तक किसी को रिपोर्ट नहीं दी गई। इसके लिए भाजपा नेता ने शहर क्षेत्र के विधायक संजीव राजा से लेकर मंडलायुक्त तक दौड़-भाग की। उन्होंने 29 मई को लिखित में मंडलायुक्त से शिकायत की। जब विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो हार कर निजी लैब में जांच कराई। वहां से रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दुर्गापुरी में खलबली मच गई है। अब 24 लोगों की सांसे अटकी हैं।
मरने के बाद कारोबारी की रिपोर्ट निगेटिव
गंभीरपुरा के कारोबारी की मौत के बाद उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। शनिवार को सुबह में उनके घर पर नमूना लिया गया था। जेएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा मृतक की रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को शव परिजनों को सौंपा गया। मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मृत कारोबारी के घर में शनिवार को 13 दिन में तीसरी मौत हुई थी। मृतक के बड़े भाई हार्डवेयर सप्लायर थे। उसके बाद दूसरे भाई की मौत हुई थी।
--कोरोना मीटर--
- 167 मरीज अब तक पाए गए जिले में
- 17 मरीजों की अब तक हो चुकी मौत(जयगंज की महिला आगरा में संक्रमित हुई थी, दिल्ली में मौत)
- 101 करीब मरीज स्वस्थ होकर घर गए हैं
- 38 सक्रिय मरीज अभी हैं भर्ती