File photo of deceased Madhav Tomer.
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जिले में फैलता जा रहा स्वाइन फ्लू अब जानलेवा हो गया है। शहर में सोमवार को स्वाइन फ्लू पीड़ित एक मरीज ने दम तोड़ दिया। स्वाइन फ्लू बीमारी की चपेट में आने से मौत की खबर लगते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अलीगढ़ में अब तक स्वाइन फ्लू के सात मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि मौत का यह पहला मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम के खिलाफ तहरीर दी है, वहीं नर्सिंग होम प्रशासन का कहना है कि स्वाइन फ्लू तो मौत की तात्कालिक वजह है। मरीज मल्टी आर्गन फेल्योर के केस में भर्ती हुआ था। उसे अन्य गंभीर और लाइलाज बीमारी थी, जो मौत की वजह बनी।
गोंडा के गांव कैथवारी निवासी माधव तोमर (23) पुत्र जगदीश सिंह को छह दिन पहले तबियत खराब होने पर रामघाट रोड स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। यहां पर माधव की विभिन्न जांचें हुईं। स्वाइन फ्लू का सैंपल आगरा के एसएन मेडिकल कालेज भी भेजा गया। जिसकी रिपोर्ट आ गई थी। माधव के परिजन मोहित तोमर ने बताया कि माधव का इलाज कर रहे डाक्टर ने सीएमओ को स्वाइन फ्लू होने का संज्ञान ही नहीं दिया। जिससे उसे समय से टैमी फ्लू दवा नहीं मिली। यही माधव की मौत की वजह भी बना।
माधव के परिजन जो आरोप लगा रहे हैं वह आधारहीन हैं। हकीकत यह है कि माधव को मल्टीआर्गन फेल्योर हुआ। उसकी किडनी फेल थीं। उसका तीन बार डायलिसिस हो चुका है और जब उसे लाया गया तो क्रिटेन काफी बढ़ा हुआ था। प्लेटलेट काउंट घट कर सिर्फ 12 हजार रह गए थे। कई वाइटल आर्गन सही से काम नहीं कर रहे थे। ऐसी कम प्रतिरोधक क्षमता में स्वाइन फ्लू तो तात्कालिक वजह बना। - डॉ. संजय भार्गव, नर्सिंग होम संचालक