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Aligarh News: स्टेडियम के बाहर युवक की हत्या में एक दोषी, पांच बरी, 10 फरवरी को सुनाई जाएगी सजा

Fri, 07 Nov 2025 04:58 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

स्वदेश यादव कुछ रिश्तेदार युवकों संग क्वार्सी के जनकपुरी में किराये पर रहकर पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। वह हर दिन सुबह शाम स्टेडियम जाता था। तभी बन्नादेवी इलाके की एक युवती ने उनके क्षेत्र में यूपी बोर्ड की परीक्षा दी थी, जिससे उसकी दोस्ती हो गई थी। उसी युवती के परिजनों ने स्वदेश को हत्या की धमकी दी थी। 
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युवक की हत्या में एक दोषी - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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अलीगढ़ महानगर के क्वार्सी इलाके में रामघाट रोड पर स्टेडियम के पास दस वर्ष पहले हुए हत्याकांड में एक आरोपी राहुल को दोषी करार दिया गया है, जबकि पांच आरोपी बरी कर दिए गए। निर्णय सुनाए जाने के लिए 10 फरवरी की तारीख नियत की है। यह निर्णय एडीजे-11 प्रदीप कुमार जयंत की अदालत से सुनाया है। खास बात है कि जब राहुल को दोषी करार सुनाया गया तो वह कुछ देर के लिए गायब हो गया। मगर बाद में वापस आकर हाजिर हो गया।

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यह घटनाक्रम 18 मार्च 2015 की शाम का है। वादी मुकदमा दादों के गांव गिरधरपुर के राधेश्याम ने बताया कि उनका बेटा स्वदेश यादव कुछ रिश्तेदार युवकों संग क्वार्सी के जनकपुरी में किराये पर रहकर पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। वह हर दिन सुबह शाम स्टेडियम जाता था। तभी बन्नादेवी इलाके की एक युवती ने उनके क्षेत्र में यूपी बोर्ड की परीक्षा दी थी, जिससे उसकी दोस्ती हो गई थी। उसी युवती के परिजनों ने स्वदेश को हत्या की धमकी दी थी। इसी क्रम में उसकी घटना वाली शाम स्टेडियम से निकलते ही थाने से चंद कदम आगे गोली मारकर हत्या कर दी। 

इस हत्याकांड में पुलिस जांच में क्वार्सी के रसूलपुर के राहुल, क्वार्सी चौराहा के कुलदीप, देवसैनी के यूनुस, जाकिर नगर के आमिर सैफी, अतरौली मौसमपुर के सुमित, कुलदीप विहार के राज कुमार चौधरी व जाकिर नगर के मोहम्मद सद्दीक उर्फ बल्लू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। सत्र परीक्षण के दौरान सद्दीक की मौत हो गई। पांच के खिलाफ साक्ष्य न पाए जाने पर बृहस्पतिवार को बरी कर दिया गया, जबकि तमंचा बरामदगी के आधार पर राहुल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाए जाने के लिए 10 नवंबर की तारीख नियत कर दी। यह सुनते ही राहुल कोर्ट के बाहर से गायब हो गया। एडीजीसी प्रमेंद्र जैन के अनुसार उसके गायब होने पर अदालत ने उसके वारंट भी जारी किए थे। मगर कुछ देर बाद वह वापस आ गया। उसने खुद की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। इसके बाद उसे अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।

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