नवंबर की रात देहलीगेट थाना क्षेत्र के सरायमियां-कैलाश गली मोहल्ले में हुए सांप्रदायिक तनाव के मुख्य आरोपी और गौरव की हत्या का मुख्य आरोपी माना जा रहा शातिर अपराधी जलाल पकड़ लिया गया है।
15 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे शुक्रवार को खैर बस अड्डे के पास दबोचा है। मुखबिरों की पुख्ता सूचना पर पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा। उसकी तलाशी में 315 बोर का तमंचा और कुछ जिंदा कारतूस मिले हैं। इसके अन्य साथियों की तलाश में पुलिस ने रात भर पुराने शहर के अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी है।
एक दो दिन में वो आरोपी भी दबोचे जाएंगे। सीओ कोतवाली डा. संजय कुमार ने बताया कि जलाल को जेल भेज दिया गया है, अदालत से उसे रिमांड में लेकर जल्द ही पूछताछ शुरू होगी। अब इस मामले में अन्य साजिश कर्ता और उपद्रवी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
जलाल बलवे के बाद से फरार था। पुलिस सूत्रों की मानें तो उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दिल्ली तक दबिश दे रहीं थीं। अलीगढ़ पुलिस का पूरा फोकस बलवे के मुख्य आरोपी जलाल को जल्द से जल्द दबोचना था। जहां भी उसके मिलने की थोड़ी सी भी संभावना दिखी हर जगह तलाश हुई।
दर्जन भर से अधिक मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लिया गया था। परिजनों, मिलने जुलने वालों और दोस्तों को हिरासत में लेकर हुई कड़ी पूछताछ और लगातार धरपकड़ के बाद जलाल को पकड़ा गया है। जलाल पुत्र गटटा फिरोज सरायमियां का रहने वाला है। इसके खिलाफ पहले से ही अलग-अलग पुलिस थानों में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज है।
देहलीगेट प्रकरण में जलाल पर गौरव की हत्या करने और बलवा करने का संगीन मुकदमा दर्ज है। गौर हो कि इससे पहले पुलिस ने इस मामले में शानू नाम के युवक को जेल भेजा है, शानू पर भी हत्या और बलवा करने का आरोप है। ऐसे ही चार और आरोपियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। बलवे के सभी आरोपियों पर हत्या बलवा करने और रासुका के तहत कार्रवाई होगी।