धनीपुर मिनी एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य देख रही राजकीय निर्माण निगम के तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर को बिना स्वीकृति के हवाई पट्टी के नीचे बालू भरवाने में डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने पर नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा मरम्मत कराई बाउंड्रीवाल गिर गई थी, जिसे बाद में पुरानी ईंटों से बना दिया गया।
बीते माह सिविल एविएशन उप्र के डायरेक्टर सुरेंद्र सिंह धनीपुर हवाई पट्टी का निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने 16.46 करोड़ रुपये से कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया था। पाया गया कि राजकीय निर्माण निगम ने कई सारे कार्यों को बिना मंजूरी के करा दिया है, जिसमें रनवे के नीचे डेढ़ करोड़ रुपये की बालू भरने का कार्य महत्वपूर्ण रहा। इसको लेकर तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश बाबू को नोटिस जारी किया गया है। राकेश बाबू वर्तमान में नोएडा में तैनात हैं।
वर्तमान प्रोजेक्ट मैनेजर हरिओम शर्मा ने बताया कि एएमयू के सिविल इंजीनिरिंग विभाग की ओर से धनीपुर हवाई पट्टी के रनवे के लिए शोध किया था। इस शोध में मिनी एयरपोर्ट के इलाके को लो लैंड पाया गया, जिसके चलते रनवे को बारिश के दौरान खराब होने से बचाने के लिए लाल बालू की परत के ऊपर बनाने की रिपोर्ट दी गई। इस पर तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश बाबू ने डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से लाल बालू की दो मीटर ऊंची, 25 मीटर चौड़ी और 370 मीटर लंबी बालू भराई कराने के बाद रनवे का निर्माण किया।
इसके अलावा निर्माण निगम रनवे के साइड की बाउंड्रीवाल के निर्माण में भी घिर गया है। निर्माण निगम को 8 फीट ऊंची और 4 किमी लंबी बाउंड्रीवाल की जिम्मेदारी मिली थी। इसमें से दो किमी नई बनानी थी और दो किमी, जो पहले से बनी थी, उसकी मरम्मत व ऊंचा कराना था। लेकिन मरम्मत कराई गई बाउंड्रीवाल गिर गई। इसे फिर से पुरानी ईंटों से बनवा दिया गया। इसको लेकर भी डायरेक्टर ने नाराजगी जाहिर की थी।