शनिवार की सुबह और दोपहर में परिषदीय विद्यालय का नजारा कुछ बदला-बदला सा था। न कंधों पर किताबों से भरा भारी बैग था और न कॉपियों की चिंता। हाथों में रंग थे, चेहरे पर मुस्कान थी। कोई कागज पर अपनी कल्पना को आकार दे रहा था तो कोई पौधों के बीच प्रकृति को करीब से समझ रहा था। नो बैग डे पर बच्चों ने किताबों से हटकर अन्य गतिविधियों के जरिये सीखने का आनंद लिया।
प्राथमिक विद्यालय तालसपुर कलां में नो बैग डे बच्चों के लिए मस्ती के साथ सीखने का दिन बना। बच्चे कागज पर अपने सपने के रंग उकेर रहे थे। बालक पाठशाला-60, क्वार्सी फार्म में किसी के हाथ में रंगों की कूची थी तो कोई अपनी कल्पना को कागज पर उतारने में व्यस्त था। हर चित्र में बच्चों की सोच और सपनों के अलग-अलग रंग दिखाई दिए।
कंपोजिट विद्यालय एलमपुर में मीना मंच के तहत बच्चे अपने अभिनय का प्रदर्शन कर रहे थे। यहां ईको क्लब के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और पौधों के महत्व की जानकारी दी गई। प्रधानाध्यापक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों ने औषधीय पौधों के उद्यान के विकास में रुचि दिखाई। मिट्टी, पौधे और हरियाली के बीच सीखते हुए बच्चों ने जाना कि प्रकृति भी एक खुली किताब है, जिसके हर पन्ने में जीवन का पाठ छिपा है।
- आज स्कूल में बैग लेकर नहीं आना पड़ा। हमने चित्र बनाए और रंग भरे। ऐसी गतिविधियां करने में बहुत मजा आया। - निशा, कक्षा पांच, प्राथमिक विद्यालय तालसपुर कलां
- हम रोज किताब-कॉपी लेकर आते हैं, लेकिन आज सिर्फ गतिविधियां हुईं। ऐसा लगा जैसे खेल-खेल में पढ़ाई हो रही है। - महक, कक्षा दो, प्राथमिक विद्यालय तालसपुर कलां
- हमने जाना कि कई पौधे औषधि के काम आते हैं। अपने हाथों से पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना अच्छा लगा। - अयान मलिक, कक्षा-5, बालक पाठशाला-60, क्वार्सी फॉर्म
- बस्ता नहीं होने से कंधों को भी आराम मिला और स्कूल में पूरे दिन कुछ नया करने को मिला। चित्रकारी में खूब आनंद आया। - सानिया, कक्षा-4, बालक पाठशाला-60, क्वार्सी फॉर्म
हर सप्ताह होंगी अलग-अलग गतिविधियां
बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए नो बैग डे (बस्ता मुक्त दिवस) का कैलेंडर जारी किया है। शनिवार को औषधीय पौधे के उद्यान का विकास, कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट का निर्माण व विद्यालय किचन गार्डन बनाने की गतिविधि आयोजित की गई। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने निर्देश दिया है कि 12 सितंबर को जल संरक्षण व वर्षा जल संचयन से संबंधित गतिविधियां, 19 सितंबर को स्वास्थ्य सुरक्षा व गुड टच-बैड टच की जानकारी दी जाएगी।
26 सितंबर चौथे शनिवार को पतंग बनाने-उड़ाने, विज्ञान व स्टेम मॉडल प्रतियोगिता, तीन अक्तूबर को वित्तीय साक्षरता व मिनी बैंक, 10 अक्तूबर को डूडलिंग व दृश्य रचनात्मक कार्यशाला व भित्ति चित्र निर्माण व संगीत-नाटक इत्यादि में से कोई गतिविधि आयोजित होगी। 17 अक्तूबर को फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी, 24 अक्तूबर को निर्माण स्थल व सार्वजनिक अवरचना अध्ययन, 31 अक्तूबर को एआई, रोबोटिक्स व अन्य नई तकनीकी का ज्ञान दिया जाएगा। 14 नवंबर बाल दिवस पर बाल मेला का आयोजन होगा।