जहरीले सांपों और विषैले जीवों को पल भर में पकड़ने में मशहूर ओमप्रकाश उर्फ ओमा (40) को सोमवार की रात कोबरा ने डस लिया, इससे उनकी मौत हो गई। वह करीब आठ साल से सांपों को पकड़कर जंगल में सुरक्षित छोड़ने का काम कर रहे थे। तमाम सांपों की जान बचा चुके थे।
इगलास कस्बे के शंकरानंदपुरी के वार्ड सदस्य हरीश अग्रवाल ने बताया कि मोहल्ले के रहने वाले ओमा सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने के साथ घरों और खेत-खलिहानों में जहरीले सांपों और जीव-जंतुओं को पकड़ने का भी काम करते थे। वह सांप वाले ओमा के नाम से क्षेत्र में जाने जाते थे। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात करीब आठ बजे जंगल गए थे। जहां उन्हें सांप ने डस लिया।
चर्चा है कि कोबरा ने डसा था। जानकारी होते ही परिजन उन्हें निजी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें अतरौली में बायगीरों के पास से ले गए, लेकिन बायगीरों ने हाथ खड़े कर दिए। एक बायगीर ने ओमा को मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि ओमा का सांपों से खास लगाव था। अन्य प्रकार के विषैलों कीटों को भी पकड़ने में महारत हासिल थी।
वहीं ओमा के भाई देवेंद्र ने कोतवाली में तहरीर दी है कि उसका भाई ओमप्रकाश उर्फ ओमा सोमवार की रात आठ बजे अपने खेत में शौच को गया था, जहां जहरीले सांप के डसने से उसकी हालत बिगड़ गई, जानकारी होने पर उसे मेडिकल कॉलेज और इसके बाद निजी अस्पताल में उपचार कराया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शव को इगलास लाया गया है, उसके शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जाए। कोतवाली प्रभारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि सर्पदंश से पीड़ित का उपचार अलीगढ़ में चल रहा था, जहां उसकी मृत्यु हो गई। तहरीर के आधार पर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।