75 वर्षीय भागवती देवी सुबह अपनी छत पर बैठीं हुईं थीं, परिजनों ने बताया तभी छत पर बंदरों का बड़ा झुंड आ गया और उन्हें घेरकर घुड़की दी तो वे घबरा गईं। छत से नीचे जाने के लिए सीढ़ियों की ओर बढ़ीं तो बंदरों के पीछे आने से संतुलन बिगड़ने से वह छत से नीचे जा गिरीं।
बंदरों के आतंक से लोग बुरी तरह से त्रस्त हैं। विजयगढ़ के गांव चैनपुरा में 24 दिसंबर को सुबह धूप में बैठी बुजुर्ग महिला बंदरों के झुंड द्वारा घेरकर घुड़की दिए जाने से छत से गिर गई। वृद्धा को नाजुक हालत में ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है, उसके दोनों पैरों में फ्रेक्चर हो गया है।
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ग्राम पंचायत के गांव चैनपुरा निवासी भागवती देवी (75) पत्नी रामस्वरूप 24 दिसंबर की सुबह अपनी छत पर बैठीं हुईं थीं, परिजनों ने बताया तभी छत पर बंदरों का बड़ा झुंड आ गया और उन्हें घेरकर घुड़की दी तो वे घबरा गईं। छत से नीचे जाने के लिए सीढ़ियों की ओर बढ़ीं तो बंदरों के पीछे आने से संतुलन बिगड़ने से वह छत से नीचे जा गिरीं। परिवार के लोगों ने शोर मचाया तो मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए।
घायल वृद्धा को निजी अस्पताल ले गए। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें वरुण ट्रामा रेफर किया गया। दोनों पैरों में फ्रेक्चर हुआ है और हालत नाजुक बनी हुई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कस्बा से लेकर गांवों तक में बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है, जिनके कारण लोगों का घरों से निकलना तक दूभर हो गया है। लोग आए दिन बंदर और कुत्तों के काटने से घायल हो रहे हैं। शिकायत पर भी प्रशासन व संबंधित अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।