महानगर के एक नामचीन शोरूम से एक ग्राहक को नई बताकर पुरानी कार बेच देने के मामले में उपभोक्ता न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। इस मामले में कार की पूरी कीमत के साथ एक लाख रुपये जुर्माने का भुगतान करने व पांच लाख रुपये उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने का निर्देश दिया गया है। ग्राहक को बेचने से पहले यह कार सात महीनों के दौरान 998 किलोमीटर चलाई जा चुकी थी। शिकायत करने पर शोरूम के कर्मियों ने ग्राहक को टरकाने की कोशिश की।
उपभोक्ता न्यायालय के आदेश के अनुसार शहर के सिविल लाइंस जोहराबाग निवासी मिर्जा फैयाज हुसैन ने चार फरवरी 2017 को वाइब्रेंट होंडा मैसर्स भल्ला ऑटोमोबाइल्स भीकमपुर जीटी रोड बन्नादेवी से होंडा सिटी कार खरीदी। इसकी डिलीवरी होंडा कार इंडिया लिमिटेड सूरजपुर नोएडा से हुई। अगले दिन मिर्जा फैयाज हुसैन को जानकारी मिली कि उन्हें शोरूम से जो नई कार दी गई है, दरअसल वह 998 किलोमीटर चली हुई थी, जो 28 जून 2016 से चली थी।
इस पर मिर्जा फैयाज हुसैन ने कार शोरूम में पहुंचकर शिकायत की। आरोप है कि इस पर तरह-तरह से बहाने बनाने के साथ उन्हें लालच दिया गया। कार का पंजीकरण आठ फरवरी को हुआ। कार स्वामी ने शोरूम व कंपनी दोनों को पार्टी बनाकर उपभोक्ता अदालत में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कार के लिए वसूली गई कुल कीमत 10 लाख 91662 रुपये मय एक लाख जुर्माने के साथ पीड़ित को अदा करने का आदेश दिया। साथ ही 20 हजार रुपये वाद व्यय देने के अलावा पांच लाख रुपये उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने का आदेश दिया। यह आदेश कार कंपनी और शोरूम दोनों को संयुक्त रूप से दिया गया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह राजपूत नेे सुनाया है।