यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए अधिकारियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बुधवार को पहली पाली में हाईस्कू ल की हिंदी की परीक्षा थी। इस दौरान डीएम, एसएसपी से लेकर डीआईओएस, एडीआईओएस व सचल दलों ने परीक्षा केंद्रों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर चार परीक्षा केंद्रों को डिबार करने की संस्तुति की गई है।
इसके अलावा निरीक्षण में 11 मुन्नाभाई भी दबोचे गए। आधा दर्जन संदिग्ध परीक्षार्थी भी पक ड़े गए इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। नौरंगीलाल जीआईसी के प्रधानाचार्य ने निरीक्षण के दौरान पाया कि एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों को फर्श पर बैठाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी, जबकि दूसरे परीक्षा केंद्र पर काफी नकल सामग्री उन्होंने बरामद की। वहीं शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के क्षेत्र अतरौली, गंगीरी आदि इलाकों में नकल इमला बोलकर कराई जा रही है। वहां हाईस्कूल की हिंदी की परीक्षा में भी यही स्थिति रही।
नकल की पर्चियों सहित चपरासी को पकड़ा
क्षेत्र में नकल माफिया लगातार नकल करा रहे हैं। इमला बोलकर फिर क्षेत्र के कुछ परीक्षा केंद्रों पर नकल कराई गई। एसडीएम व सीओ अतरौली ने गांव शाजाबाद स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा केंद्र के चपरासी को उस समय पकड़ लिया, जब वह परीक्षा के दौरान नकल की पर्चियां लेकर भागने का प्रयास कर रहा था। उसे पकड़ कर केंद्र व्यवस्थापक के हवाले कर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश भी दिए, लेकिन देर शाम तक थाने में मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया था।
केंद्र पर मिली नकल सामग्री, बच्चे बैठे थे फर्श पर
जेडी के सचल दल में शामिल नौरंगीलाल जीआईसी के प्रधानाचार्य शीलेंद्र कुमार ने पहली पाली में रघुवीर सिंह इंटर कॉलेज खेड़ा सत्तू खैर में छापा मारा। वहां उन्हें सिटिंग प्लान सही नहीं मिला। उन्होंने केंद्र से शिक्षकों के हाथों से लिखी हुई काफी नकल सामग्री भी बरामद की। कैमरे भी सही दशा में नहीं लगे थे। इसके अलावा उन्होंने लोकमणि इंटर कॉलेज बाजिदपुर का भी निरीक्षण किया। वहां नियम विरुद्ध परीक्षार्थी फर्श पर टाट-पट्टी पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। इस केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक सुनीता शर्मा को उन्होंने फर्नीचर लगाने के निर्देश दिए। इसी केंद्र पर सुशील मित्तल इंटर कॉलेज गौमत के प्रधानाचार्य विष्णु कुमार भी मौजूद थे। सचल दल प्रभारी शीलेंद्र कुमार ने बताया कि विष्णु कुमार केंद्र व्यवस्थापिका सुनीता शर्मा के पति हैं। पिछले शैक्षिक सत्र में विष्णु कु मार के खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई लंबित है। उनका केंद्र पर मौजूद रहना संदेहास्पद था। इसलिए इस केंद्र को डिबार करने की संस्तुति की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मंगलवार को एचआर इंटर कॉलेज ककराली दादों में एक फर्जी छात्रा पकड़ी थी। इसको डिबार करने की भी संस्तुति जेडी से की है।
बोर्ड परीक्षा में दबोचा गया फर्जी शिक्षक
टप्पल थाना क्षेत्र के डा. गिरिराज सिंह इंटर कॉलेज सिमरौठी में बुधवार को प्रथम पाली में हिंदी की परीक्षा में बीएसए ने एक फर्जी शिक्षक को दबोच लिया। पकड़े जाने पर उसने खुद को स्कूल का चपरासी बताया। बीएसए ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। बीएसए ने कहा कि पकड़ा गया व्यक्ति चपरासी भी नहीं है। हालांकि थाना पुलिस के एसआई देशराज सिंह के अनुसार बीएसए के कहने पर पकड़े गए चपरासी को छोड़ दिया गया है, जबकि बीएसए धीरेंद्र कुमार यादव ने छुड़वाने की बात से इनकार किया है।
बीएसए धीरेंद्र कुमार यादव के सचल दल ने छापा मारा था। सचल दल को देखते ही फर्जी शिक्षक भागने लगा जिसे बीएसए के दल ने दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्ति को बीएसए ने हड़काया तो उसने खुद को स्कूल का चपरासी और अपना रवि बताया। बीएसए के अनुसार उन्होंने पकड़े गए व्यक्ति पर कार्रवाई के लिए थाना पुलिस के हवाले किया था।
तीन सौ रुपये रुपये के लिए बन गया ‘मुन्नाभाई’
महज तीन सौ रुपये के लिए एक युवक ‘मुन्नाभाई’ बनकर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। गोपीराम पालीवाल इंटर कॉलेज में बुधवार की सुबह हाईस्कूल का हिंदी का प्रश्नपत्र था। जब कॉलेज के आंतरिक सचल दल ने चेकिंग की तो चेकिंग के दौरान एक युवक संदिग्ध दिखाई दिया। उसका प्रवेश पत्र जब चेक किया गया तो उसकी पोल खुल गई। वह सुनील कुमार पुत्र हेम सिंह विद्यालय तारा सिंह बघेल भूप सिंह नगर ज्वालागढ़ अलीगढ़ के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। पकड़े गए युवक ने अपना नाम युसूफ पुत्र शादाब निवासी जमालपुर बताया। पूछताछ में उसने यह बताया कि उसे प्रति परीक्षा तीन सौ रुपये का लालच दिया गया था और इस वजह से वह फर्जी तरीके से परीक्षा दे रहा था। उसने खुद को एक सपा नेता की फैक्ट्री में मजदूर भी बताया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक पालीवाल व पर्यवेक्षक भुवनेश कुमार ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। प्रधानाचार्य का कहना है कि उक्त युवक के मजदूर होेने की बात सही प्रतीत नहीं होती। यह भी पता चला है कि वह खुद इंटरमीडिएट का छात्र है। उसके खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है।