बहिष्कार के बाद मेयर कार्यालय में बैठक करते सभासद।
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होली के मौके पर नगर निगम के जवाहर भवन सभागार में सफाई व्यवस्था को लेकर बुलाई गई एक समन्वय बैठक (इसमें पार्षद, नगर निगम प्रशासन और एटूजेड कंपनी शामिल थे) में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ।
एक बार तो लगा कि स्थिति बहुत विस्फोटक हो गई है और कभी भी सीमा रेखा लांघी जा सकती है। बाद में फिर महापौर शकुंतला भारती और नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा आदि के हस्तक्षेप के बाद मामला सधा।
ठा. पुष्पेंद्र सिंह जादौन, कुलदीप पांडे सहित अन्य पार्षदों का आरोप था कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की स्थिति बेहद लचर है। जनता यह समझती है कि पार्षद निष्क्रिय हैं। जबकि हकीकत यह है कि सफाई काम के लिए जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा पा रहे हैं।
बैठक में नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी भी पहुंच गए। पार्षदों ने आरोप लगाया कि वह नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुलदीप कुमार के फोन करने पर आए हैं और उन्होंने महिला पार्षदों को हटाकर उनकी सीटों पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
बाद में सभी लोग महापौर के कार्यालय पहुंचे। वहां पर बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुलदीप कुमार को बुलाया गया। पार्षदों ने जमकर खरी खोटी सुनाई। घेराव कर लिया। किसी तरह से महापौर शकुंतला भारती ने प्रकरण में हस्तक्षेप किया और मामले को शांत किया।
डॉ. कुलदीप कुमार ने अपने काम में लापरवाही की बात को स्वीकारते हुए पार्षदों के समक्ष अपनी गलती मानी और भरोसा दिलाया कि अगले तीन दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार करके दिखाएंगे। पार्षद कुलदीप पांडे और ठा. पुष्पेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि यह मांग रखी गई है कि पार्षद को पांच सफाई कर्मचारी मिलेंगे।
वह अपने वार्ड के सफाई कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर चेक करेगा। थंब इंप्रैशन वाली मशीन लगेगी। सफाई कर्मचारी की गैरहाजिरी पर सुपरवाइजर के वेतन से पैसा कटेगा। इन सभी बातों पर सहमति होने की बात कही जा रही है।