जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में महानगर के प्रथम नागरिक महापौर मो. फुरकान को ही अधिकारी भूल गए। आमंत्रण पत्र पर उनकी तस्वीर तक नहीं लगी। न ही उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत शनिवार को जलालपुर खैर रोड स्थित अभिमन्यु एन्क्लेव में सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था।
आमंत्रण पत्र पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाज कल्याण विभाग के मंत्री रमापति शास्त्री, प्रभारी मंत्री सुरेश राणा, समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री जीएस धर्मेश के अतिरिक्त सांसद सतीश गौतम, राजवीर दिलेर, राज्यमंत्री एवं विधायक संदीप सिंह, ठाकुर दलवीर सिंह, अनिल पाराशर, रवेंद्र पाल सिंह, संजीव राजा, राजकुमार सहयोगी, नूप वाल्मीकि, मानवेंद्र प्रताप सिंह एवं ठाकुर जयवीर सिंह के फोटो लगे हैं। लेकिन महापौर का फोटो नहीं है। जबकि इस कार्यक्रम में नगर निगम में पंजीकृत 87 जोड़े शामिल हुए थे। राजनीतिक जगत में इसकी जबर्दस्त चर्चा है।
महापौर इस संबंध में कुछ भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं। चर्चा है कि वह अधिकारियों से अपनी नाराजगी जता चुके हैं। नगर निगम के पार्षद भी नहीं पूछे जाने से नाराज हैं। उप सभापति डॉ. मुकेश शर्मा का कहना है कि पार्षदों को कार्यक्रम में नहीं पूछा गया। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त का कहना है कि सामूहिक विवाह का आयोजन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया गया था।