धनीपुर ब्लाक में प्रधानों के प्रशिक्षण के दौरान आरएसएस कार्यकर्ता का प्रकरण उठाने और सीएए पर निजी राय व्यक्त करने पर जिला कंसलटेंट जिया अहमद और प्रशिक्षक तवरेज अहमद फंस गए हैं। जिया अहमद ने यहां कहा था कि आरएसएस के एक कार्यकर्ता ने शौचालय नहीं बनवाया था, उसे थाने में बंद कराया था। शौचालय निर्माण के बाद ही छुड़वाया गया।
तवरेज अहमद ने कहा कि सीएए को सही ढंग से लागू नहीं किया गया, नहीं तो इतना हंगामा नहीं होता। जिया अहमद ने भी उनके इस बयान का समर्थन किया। मौके पर मौजूद प्रधानों को ये बिल्कुल पसंद नहीं आया। इस पर प्रधानों ने विरोध करते हुए प्रशिक्षण से बायकाट कर दिया। पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत की गई है।
शिकायती पत्र में महेंद्र प्रताप सिंह के साथ 20 प्रधानों ने दस्तखत किए हैं। जिसमें उकावली के भूरी सिंह, भरौला की अंजू देवी, एदलपुर से रणवीर सिंह, बोेनेर से भूपेंद्र सिंह, इकरी से राकेश कुमार, कोछौंड से अजय कुमार शर्मा, गुरुसिकरन से ऊषा देवी, हाजीपुर फतेह खां से फुलवती, चौगानपुर से मुकेश कुमार, अलहदादपुर से ज्योति सिंह सहित 20 प्रधान शामिल है। कोल विधायक अनिल पाराशर के पास पूरा मामला पहुंचने के बाद उन्होंने जिलाधिकारी को त्वरित कार्रवाई के लिए कहा है।
इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सोमवार को जांच कराने और कार्रवाई करने की बात कही है। ये शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ, पंचायत राज मंत्री, डीएम चंद्रभूषण सिंह, सीडीओ अनुनय झा, जिला पंचायत राज अधिकारी पारुल सिसौदिया, एसओ गांधी पार्क को भी भेजी गई है।