एएमयू छात्र संघ चुनाव के लिए नामांकन भले ही गुरुवार को हो गया है। लेकिन मुख्य चुनाव अधिकारी एवं उनके टीम के सदस्य प्रत्याशियों के नामों को शुक्रवार को भी दबा कर बैठे हैं। अधिकारिक रूप से प्रत्याशियों के नामों की घोषणा लगातार दूसरे दिन भी नहीं की गयी। इसकी वजह से कैंपस में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
किसी भी चुनाव में नामांकन के बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रत्याशियों के नामों की जानकारी मीडिया को दे दी जाती है। लेकिन एएमयू छात्र संघ चुनाव में इसके विपरीत हो रहा है। बीते वर्षों में एएमयू में हुए चुनावों में भी नामांकन के बाद प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी जाती है। लेकिन इस बार पता नहीं क्यों, प्रत्याशियों के नामों को सार्वजनिक करने से लोग कतरा रहे हैं। गुरुवार को नामांकन के बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कैबिनेट सदस्य एवं कोर्ट सदस्य के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशियों के नामों को दबा दिया गया। शुक्रवार को स्क्रूटनी के बाद नाम घोषित करने का आश्वासन चुनाव कार्यालय द्वारा दिया गया था। लेकिन देर रात तक अधिकारियों ने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं की। इसकी वजह से कैंपस में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
अभी कैंपस पूरी तरह राजनीति के रंग में रंग गया है और छात्र नेता इस गोपनीयता को शक की निगाह से देख रहे हैं। छात्र नेता कुंवर मोहम्मद अहमद एवं अदनान आमिर का कहना है कि कैंपस में कोड ऑफ कंडक्ट कही नहीं दिख रहा। क्या मुख्य चुनाव अधिकारी चुनाव परिणाम आने के बाद कोड ऑफ कंडक्ट लागू करेंगे। आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि नामांकन के बाद प्रत्याशियों के नामों को सार्वजनिक नहीं किया गया। पहली बार मुख्य चुनाव अधिकारी नामांकन करने वाले प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करने से कतरा रहे हैं। इसमें कोई चाल नजर आ रहा है। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जहीरउद्दीन का कहना है कि स्क्रूटनी का काम चल रहा है। प्रॉक्टर आफिस एवं अन्य स्थानों से प्रत्याशियों के बारे में जानकारी जुटायी जा रही है। कल नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जाएगी।