दिवाली और भाई दूज के बीतने के साथ ही अब बाजारों में शादी-विवाह की तैयारियों की चहल-पहल शुरू हो गई है। एक नवंबर को देवोत्थान एकादशी के साथ ही शुभ कार्यों का शुभारंभ हो जाएगा। व्यापारी तैयारियों में जुट गए हैं।
रेडीमेड वस्त्र, आभूषण, बर्तन, फर्नीचर, सजावटी सामान, मिठाई और कैटरिंग के कारोबार में तेजी देखने को मिल रही है। हाथरस, सादाबाद, सिकंदराराऊ, मुरसान और सासनी के बाजारों में रविवार से ही खरीदारों की भीड़ बढ़ने लगी है।
साड़ी, लहंगे और ज्वेलरी की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है। महिलाओं द्वारा शृंगार के सामान की खरीदारी जोरों पर है। वहीं, फर्नीचर और बर्तन की दुकानों पर भी ग्राहकों की लंबी कतार देखी जा रही है। सोना-चांदी के बाजारों में भी फिर चमक लौटी है। दिवाली के बाद कीमतों में गिरावट आने से ग्राहकों का रुझान बढ़ा है। व्यापारियों के अनुसार नवंबर में करीब 600 से अधिक विवाह समारोह प्रस्तावित हैं, जिससे बाजार में लेन-देन का अनुमान करीब 60 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
फूल-माला, बैंड-बाजा, टैंट हाउस, कैटरिंग व मिठाई के कारोबारी अब बुकिंग में व्यस्त हैं। शहर के प्रमुख बाजारों जैसे घंटाघर, चक्की बाजार, अलीगढ़ रोड, आगरा रोड और जलेसर रोड पर दुकानदारों ने आकर्षक सजावट कर ली है।
45 शुभ मुहूर्त :
शहर के जागेश्वर निवासी पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि इस बार देवोत्थान एकादशी से लेकर 14 दिसंबर तक सहालग है। इस दौरान हर दिन विवाह और अन्य शुभ कार्यों की बुकिंग हो चुकी है। इस बार शादियों का दौर अपेक्षाकृत छोटा है, लेकिन लगातार तिथियां शुभ हैं। 1 नवंबर से 14 दिसंबर तक करीब 45 से अधिक विवाह मुहूर्त हैं।
कारोबार में आएगी तेजी :
व्यापारी नेता तरुण पंकज की मानें तो इस बार सहालग में पिछले साल की तुलना में 20 से 25 फीसदी अधिक कारोबार होने की उम्मीद है। दिवाली के बाद अब बैंडबाजा, बारात की गूंज से पूरा जनपद फिर से गुलजार होने जा रहा है। इससे बाजारों में लगातार रौनक बनी रहेगी। वहीं परिवहन सेवाओं, हलवाई, ब्यूटी पार्लर, फोटो-वीडियो, बैंड पार्टी, सजावट और साउंड सिस्टम के कारोबारियों की भी मांग बढ़ गई है।