गोवंश को चारा उपलब्ध कराने के लिए गोशालाओं को आसपास के चारागाहों से जोड़ा जाएगा। साथ ही जिओ टैगिंग भी कराई जाएगी। मनरेगा से इस जमीन को चारे के लिए उपयुुक्त बनाया जाएगा और जलाशय की भी व्यवस्था की जाएगी। इसकी देखरेख का जिम्मा ग्राम पंचायतों के पास रहेगा। जिला प्रशासन ने एसडीएम को इस संबंध में निर्देशित किया है।
योगी सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों में गोशालाएं खोलने के साथ ही उनको चारागाह से जोड़ने के निर्देश दिए हैं, जहां गोशालाएं नहीं हैं, वहां नई गोशाला का निर्माण होगा। इस संबंध में एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि कोल, अतरौली, खैर, इगलास व गभाना तहसील के एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि वे सोमवार तक अपने तहसील क्षेत्र में ग्राम पंचायतों में बनी गोशालाओं को चारागाह की खाली पड़ी जमीनों से संबद्ध कर दें और जिओ टैैगिंग कराकर पोर्टल पर जानकारी अपडेट करा दें। उन्होंने बताया कि यदि गोशाला से चारागाह ज्यादा दूर है तो उसी चारागाह में गोशाला को शिफ्ट कर दिया जाएगा। गोशालाओं में गोवंश के रहने के लिए छाया, चौकीदार कक्ष, स्टोर रूम, सड़क, बाउंड्रीवाल, पौधरोपण आदि के कार्य मनरेगा के बजट से कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नई गोशाला बनाने के लिए जिन पंचायतों के पास पर्याप्त जमीन है, उनका प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया है।