लोधा के गांव केशोपुर जौफरी में दलित समाज के इस्लाम धर्म अपनाने के ऐलान के बाद सवर्ण भी इसी तर्ज पर चल पड़े। सोमवार को काफी संख्या में सवर्ण पहले बरौली विधायक ठा.दलवीर सिंह के पास और फिर एसएसपी दफ्तर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर धर्म परिवर्तन से कोई लाभ मिलता है, तो वह भी खुद को न्याय के लिए धर्म परिवर्तन करने को तैयार हैं। उनका कहना था कि दलितों के दबाव में उन पर कोई गलत कार्रवाई न की जाए। उन्होंने अपने पक्ष के घायलों का बेहतर इलाज न होने का भी आरोप लगाया। इस पर उन्हें मदद का भरोसा दिलाया गया।
गांव केशोपुर जौफरी में गत दिनों नाली के विवाद को लेकर सवर्ण व दलित आमने-सामने आ गए थे। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से तोड़फोड़ पथराव के बाद फायरिंग की गई। इस मामले में रविवार को दलितों ने धर्म परिवर्तन करने की धमकी दी। इस पर सवर्ण दहशत में आ गए। उनके जेहन में यह बात बैठ गई कि कहीं पुलिस दलितों के इस दबाव में आकर कोई ऐसी वैसी कार्रवाई न कर दे। इसको लेकर सोमवार को सवर्ण लोग पहले विधायक ठा.दलवीर सिंह और फिर एसएसपी दफ्तर पहुंचकर एसपी देहात यशवीर सिंह से मिले। उन्होंने कहा कि दलित पक्ष के लोग हमारे पक्ष के पढ़े लिखे और नौकरी पर तैनात युवकों को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। हमारे पक्ष की ओर से कई लोग गंभीर घायल हैं। इसके बाद भी उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस हमारे पक्ष पर उल्टा 307 का मुकदमा दर्ज कर परेशान कर रही है। जेल में निरुद्ध हमारे पक्ष के घायलों के फ्रैक्चर है। मगर मुकदमे में इस बात का उल्लेख नहीं है। इस पर एसपी देहात ने तत्काल एसओ लोधा से फोन पर वार्ता की तो पता चला कि दलितों पर दर्ज मुकदमे में हड्डी तोड़ने की धाराएं बढ़ा दी गई हैं। घायलों का जेल में इलाज कराया जा रहा है। एसपी देहात के अनुसार मामले में न्याय के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
बरौली विधायक ने जेल पहुंचकर की सुलह की पहल
इस मामले में केशोपुर जौफरी के ग्रामीणों से मुलाकात के बाद बरौली विधायक ठा.दलवीर सिंह दोपहर में जिला कारागार गए। वह गांव से मिलने आए कुछ लोगों को साथ ले गए। उन्होंने जेल में निरुद्ध जौफरी गांव के दलित व सवर्ण पक्ष के लोगों से मुलाकात की और सुलह की पहल की। विधायक ने जेल के अधिकारियों से घायलों का बेहतर उपचार कराने की बात कही और सीएमओ से जेल डॉक्टर बदलने की बात भी कही। विधायक का कहना था कि जेल डॉक्टर को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इस दौरान जेल में निरुद्ध दोनों पक्षों के लोगों ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह जल्द ही इस मामले में सुलह की ओर आगे बढ़ेंगे।