फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब मैं यह शहर छोड़ जाऊंगा...

Thu, 01 Dec 2016 01:34 AM IST
दीपक शर्मा 
विज्ञापन
अब मैं यह शहर छोड़ जाऊंगा... - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
हरे पेड़ों का कटान करने वाले माफिया के हमले से आहत प्रसिद्ध पर्यावरणविद सुबोध नंदन शर्मा ने अब अलीगढ़ शहर से पलायन करने का मन मना लिया है। इससे  पहले धमकियों से आहत होकर शहर के पर्यावरण के लिए लंबे समय तक काम करने वाले पर्यावरणविद् डॉ. बीडी सिंह शहर से पलायन कर चुके हैं। इस मामले में सबसे खेदजनक पहलू यह रहा कि बुधवार को जब सुबोध नंदन अपने सहयोगियों के साथ घटना की तहरीर लेकर थाना सिविल लाइन रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो उनकी लिखी तहरीर में कमी निकालते हुए थाने में अगले दिन आने को कह दिया गया।  
विज्ञापन

 बुधवार को पूरे घटनाक्रम के बाद हताश निराश सुबोध नंदन दीवानी कचहरी परिसर में अपने अधिवक्ताओं से सलाह मशवरा करने आए। सुबोध नंदन शर्मा ने बताया कि यह महसूस किया है कि मैंने जिन स्कूलों, जिन संस्थाओं में जाकर जल संरक्षण और पर्यावरण के लिए काम किया, वही लोग आगे नहीं आ रहे हैं। जिन लोगों के यहां घंटों गोष्ठियों में भाषण दिए वही अब सलाह दे रहे हैं कि आपको पेड़ काटने वालों के मामले में हस्तक्षेप करने की क्या जरूरत थी। इस तरह तो कोई सभी पेड़ काट ले और कोई कुछ नहीं करे। उन्होंने बताया कि किसी ने फेसबुक पर मेरे हमले की पोस्ट डाल दी। यह पोस्ट गोवा में रह रही उनकी बेटी ने पढ़ ली। बेटी फोन पर ही फफक गई और बोली पापा अब वहां रहने की कोई जरूरत नहीं है। 
गौरतलब है कि सुबोध नंदन के सिर्फ दो बेटियां हैं। एक अमेरिका में है और दूसरी गोवा में। पत्नी की मृत्यु बहुत पहले ही हो चुकी है। कासिमपुर में सुबोध नंदन अकेले रहते हैं। हमले के बाद घायल सुबोध नंदन को वहां पर चाय बनाकर देने वाला भी कोई नहीं है। कुछ पड़ोसी जरूर खाने को दे जा रहे हैं। इस प्रकार सुबोध नंदन ने अब इस शहर को अलविदा कहने का मन बना लिया है। 
विज्ञापन

पेड़ों को सुखाकर तबाह करने का शहर में षड्यंत्र
अलीगढ़। पेड़ों को सुखाकर उन्हें तबाह करने का षड्यंत्र हो रहा है। दीवानी कचहरी के बाहर लगे पिलखुुन के पड़ों की टहनियों को काटकर गाड़ियों में भरकर ले जाने का काम चल रहा है। बुधवार को तड़के पांच बजे वहीं पर नर्सरी लगाने वाले भीकम सिंह और उसके साथियों ने उन्हें रोका तो वह लोग मारपीट करने पर उतर आए। बाद में अन्य लोगों के इकट्ठा होने पर वह वहां से भागे। बताया गया कि पिलखुन की टहनियों को यह बड़ी गाड़ियों में भरकर बकरों आदि को खिलाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। बाद में इसकी सूचना सुबोध नंदन ने वन विभाग को दी और कहा कि  यही नहीं शहर में एक शो रूम के मालिक ने एक हरे बड़े पेड़ को सुखा कर कटवा दिया। सालो से जो राहगिरों को छांव देता रहा। उसकी हत्या कर दी। शो रूम के मालिक ने वन माफियाओं के साथ मिल कर ये अंजाम दिया। 
बीडी सिंह ने फोन पर जाना हाल, बोले अभियान खड़ा करेंगे
अलीगढ़। मेरठ में रह रहे और अलीगढ़ से पहले पलायन कर चुके डॉ. बीडी सिंह तक पहुंचा सुबोध नंदन शर्मा पर हमले का मामला। बीडी सिंह ने सुबोध नंदन से फोन पर बात कर हालचाल जाना और कहा पर्यावरण के दुश्मन धरती को तबाह करने में लगे हैं। यहां मेरठ में भी उनके सामने कई दिक्कतें आ रही हैं। जल्द ही संगठित होकर इस दिशा में बड़ा अभियान छेड़ने की जरूरत है। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें