फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब शराब और बियर के साथ मिलेगा बिल

विज्ञापन
विज्ञापन
शराब के शौकीनों को अब हरेक क्वार्टर, हाफ और बोतल का बिल मिलेगा। इसमें उसका ब्रांड, मात्रा, मूल्य, दिनांक, दुकान का नाम पता सहित अन्य जानकारी होगी। ये बिल कंप्यूटर से चलने वाली एक मशीन से बनेगा। ये मशीन ऑनलाइन सिस्टम भी जुड़ेगी। इससे किसी भी दुकान की खरीद-बिक्री का ब्यौरा अलीगढ़ से लखनऊ तक कभी भी देखा जा सकेगा। इसके लिए आबकारी विभाग निजी कंपनी की सेवा लेगा। इस बाबत कंपनियों से वार्ता शुरू हो गई है।
विज्ञापन

इससे पहले विभाग ने बार कोडिंग की व्यवस्था लागू की थी जिसमें संबंधित आइटम कहां पर बना? कहां से थोक दुकानदार के पास आया? कब फुटकर दुकानदार के पास आया? शराब का ब्रांड और उसकी निर्माण तिथि का ब्यौरा होता है। बार कोड स्कैनर से कोड को स्कैन कर कोई भी दुकानदार या ग्राहक इस ब्यौरे को देख सकता है। अब बिल की व्यवस्था भी होने जा रही है।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो कई जगहों पर ओवररेटिंग की समस्या को स्थायी रूप से दूर करने के लिए आधुनिक सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को सही दाम में सही चीज मिल सके। इससे शराब के नकली उत्पाद को बेचने से भी रोका जाएगा। क्योंकि नकली उत्पादों का बिल नहीं बन पाएगा। कंप्यूटर उस डाटा को फीड नहीं करेगा। जिले में 249 देसी शराब, 109 अंग्रेजी शराब, 129 बियर और 12 मॉडल शाप हैं। इनसे सालाना 700 करोड़ रुपये का आबकारी टैक्स जमा होता है। ये कारोबार लगभग एक हजार करोड़ रुपये का है।
विज्ञापन

- आबकारी विभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पहले बार कोडिंग सिस्टम लागू किया था और अब बिल देने की व्यवस्था को अनिवार्य किया जा रहा है। आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 में देसी शराब, अंग्रेजी शराब, बियर और मॉडल शॉप से मिलने वाले सभी बोतलों, केन आदि का बिल मिलेगा। ये बिल आनलाइन सिस्टम से बनेगा। इसके लिए सभी दुकानों में इंटरनेट सिस्टम होगा। एक निजी कंपनी से इस बाबत वार्ता चल रही है। वही कंपनी पूरे प्रदेश में इसको लागू करेगी। - धीरज शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें