नगर पालिका कार्यालय के नीचे बनीं 39 दुकानों को खाली कराने के लिए नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी वंदना शर्मा की ओर से व्यापारियों को फिर नोटिस जारी किए जाएंगे।
नगर के आरटीआई कार्यकर्ता अंशुल भारद्वाज ने शासन में दुकानों के आवंटन को गलत बताते हुए शिकायत की थी। जांच में शिकायत सही पाई गई और सरकारी नियमों का पालन नहीं करने पर आवंटन रद कर दिया गया था। दो पूर्व चेयरपर्सन, तत्कालीन ईओ व तत्कालीन निर्माण लिपिक के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इसके बाद दुकानें खाली कराने के लिए नगर पालिका ने तैयारी शुरू कर दी।
दुकानदार नगर पालिका के खिलाफ हाईकोर्ट में चले गए लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली और उनकी रिट खारिज कर दीं। इस पर नगर पालिका ने दुकानें खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके विरोध में दुकानदार रोजी-रोटी जाती देख धरने पर बैठ गए थे।
दुकानदार प्रेमपाल सिंह, संतोष लोधी, आशू शर्मा, नितिन भारद्वाज आदि का कहना है कि नगर पालिका द्वारा दी गई शर्तों का पालन करने के बाद ही दुकानदारों को चाभी मिली थी। 15 सालों में उनका व्यापार जम चुका है तो दुकानें खाली कराई जा रही हैं, यदि ऐसा हुआ तो उनके परिवार सड़कों पर आ जाएंगे। कर्ज लेकर व्यापार खड़ा किया है, अब कर्ज कैसे और कहां से निकलेगा। एसडीएम ने ईओ को जल्द दुकानें खाली कराने के आदेश हैं। ईओ वंदना शर्मा ने बताया कि दुकानदारों को पुन: नोटिस जारी किए जा रहे हैं